जीर्णशीर्ण सरकारी कार्यालय व आवासीय भवनों का होगा पु​नर्विकास:जर्जर सरकारी भवनों के जीर्णोद्धार के लिए एनबीसीसी से होगा एमओयू, एसओपी मंजूर

एनबीसीसी को सूची सौंपेगा भवन निर्माण विभाग
राज्य में जर्जर अवस्था में पहुंच चुके सरकारी कार्यालयों और आवासीय परिसरों के पुनर्विकास की प्रक्रिया को गति देने के लिए भवन निर्माण विभाग ने एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ एमओयू करने के लिए एसओपी को स्वीकृति दे दी है। इससे राज्यभर में पुराने और अनुपयोगी हो चुके सरकारी भवनों के पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया है। एसओपी के तहत भवन निर्माण विभाग, झारखंड के कार्यपालक अभियंता अपने-अपने प्रमंडल के अंतर्गत ऐसे सरकारी कार्यालयों एवं आवासीय परिसरों को चिह्नित करेंगे, जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। कार्यपालक अभियंता द्वारा चिह्नित स्थलों की सूची अधीक्षण अभियंता के माध्यम से मुख्य अभियंता को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद मुख्य अभियंता, भवन निर्माण विभाग द्वारा सभी चिह्नित स्थलों की सूची एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को सौंपी जाएगी। एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के पदाधिकारी चिह्नित परियोजना स्थलों का भौतिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान मुख्य अभियंता भवन निर्माण, संबंधित अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता एनबीसीसी के अधिकारियों को सहयोग करेंगे। साथ ही परियोजना से संबंधित वास्तविक आंकड़े, अभिलेख एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। निरीक्षण के बाद एनबीसीसी द्वारा चयनित परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रस्ताव के साथ एमओयू का प्रस्ताव भवन निर्माण को सौंपा जाएगा। जिसे समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। भवन निर्माण विभाग द्वारा देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के माध्यम से परियोजनाओं की तकनीकी जांच भी कराई जाएगी। इस पर होने वाला व्यय परियोजना लागत में शामिल किया जाएगा। इससे पहले समिति द्वारा अनुशंसित परियोजना प्रस्ताव, एमओयू प्रारूप एवं एनबीसीसी के वित्तीय प्रस्ताव पर भवन निर्माण विभाग द्वारा अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा। इसके बाद विधि एवं वित्त विभाग की सहमति ली जाएगी। अंत में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति लेने के बाद भवन निर्माण द्वारा परियोजनावार एनबीसीसी के साथ एमओयू का निष्पादन किया जाएगा। ये लाभ होंगे भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन
जीर्ण-शीर्ण सरकारी कार्यालयों के पुनर्विकास को लेकर भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। इस समिति में वित्त विभाग के प्रधान सचिव या विशेष सचिव, नगर आयुक्त रांची, अभियंता प्रमुख भवन निर्माण तथा अपर समाहर्ता, रांची सदस्य हैं। अन्य जिलों के लिए संबंधित जिला मुख्यालय के नगर निकायों के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी और अपर समाहर्ता सदस्य रहेंगे। गठित समिति एनबीसीसी द्वारा समर्पित परियोजना प्रस्ताव पर विस्तृत समीक्षा कर आने वाले खर्च पर बात करेगी। फिर वित्तीय प्रस्ताव एवं एमओयू का प्रारूप समिति द्वारा भवन निर्माण विभाग को सौंपा जाएगा।

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