जीवन में रामायण और भागवत कथा का श्रवण अत्यंत आवश्यक है

लुधियाना| अच्छा काम वो जिसमें परमार्थ हो। सिर्फ पूजा पाठ करने से कोई अच्छा नहीं बनता। अच्छा बनने के लिए अच्छे काम और अच्छे व्यक्ति से जुड़िए। अच्छे व्यक्ति का अर्थ है, जिसके पास छुपकर न बैठना पड़ा। अच्छा काम वह है, जिसे छुपकर न करना पड़े और जिसमें परमार्थ हो, अपना स्वार्थ नहीं। लेकिन आजकल लोग परमार्थ के कार्यों में भी अपना स्वार्थ और लाभ खोज लेते हैं उक्त शब्द वेद मंदिर दरेसी में भारत धर्म प्रचारक मंडल की ओर से एक महीने से चल रही अखंड रामायण के पाठ के दौरान भक्तो का मार्ग दर्शन करते हुए वेदाचार्य श्री दंडी स्वामी निगम बोध तीर्थ महाराज ने कहे। उन्होंने आगे कहा कि आज के जीवन में रामायण और भागवत कथा का श्रवण अत्यंत आवश्यक है। अंत समय में हरि नाम का जितना स्मरण हो जाए, उतना अच्छा है। स्वामी निगम बोध तीर्थ महाराज ने कहा कि माता-पिता की सेवा, गुरु जन का सम्मान, गौ माता का वास तथा ईश्वर का स्मरण जिस घर परिवार में होता है. वह स्वर्ग के समान है। शिवराम, जगदीश शर्मा, मोहिन भार्गव, भाजपा नेता महेश दत शर्मा, पंडित दीप वशिष्ठ,अशोक शर्मा बॉबी, लाड़ी कपूर , धर्मेंद्र कुमार, सतीश अरोड़ा, प्रदीप कालिया, पंडित सौरव भारद्वाज, बलदेव चोपड़ा आदि मौजूद रहे।

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