भास्कर न्यूज|रामगढ़ जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) की पूजा की गई। रविवार की शाम को प्रदोष काल में अष्टमी तिथि व्याप्त होने पर जिउतिया पूजा की गई। शहर के बिजुलिया तालाब, दामोदर नदी व अन्य जलाशयों समेत मंदिर व घरों में पूजा हुई। यहां, पंडितों ने माताओं को पूजन कराई, और कथा सुनाई। निर्जला उपवास कर व्रती माताएं जीवित्पुत्रिका व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना कर विधिवत पूजा की, और कथा सुनी। वहीं, माताएं पूजन कर अपने पुत्रों की दीर्घायु, सुख, समृद्धि, अटूट रक्षा और कष्ट संकट से दूर रखने की कामना की। देर शाम तक पूजा की गई। 15 सितंबर की सुबह 6.27 बजे के बाद व्रती माताएं 24 घंटे का निर्जला उपवास व्रत का पारण करेगी। इ सके बाद पुत्रों को तिलक लगाकर जीवित्पुत्रिका की रक्षा सूत्र माला पहनाएगी। वहीं, माताएं अपने बच्चों को आशीर्वाद देगी। वहीं, बच्चे भी चरण स्पर्श कर मां का आशीर्वाद लेंगे।


