फार्मेसी में एडमिशन के लिए छात्रों का इंतजार जल्द खत्म होगा। अक्टूबर के पहले सप्ताह से इसकी काउंसिलिंग शुरू होने की संभावना है। इस बार कितने कॉलेजों को संबद्धता दी गई है, इसकी लिस्ट छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी (सीएसवीटीयू) से 30 सितंबर तक जारी होगी। इसे लेकर तैयारी की जा रही है। इधर, व्यापमं की ओर से मई में प्री फार्मेसी टेस्ट 2025 का आयोजन किया गया था। इसमें 16422 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। नतीजे जून में जारी हुए थे। इस तरह से करीब तीन महीने से छात्र काउंसिलिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि फार्मेसी कॉलेजों को प्रवेश देने के लिए हर साल फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके आधार पर फिर सीएसवीटीयू से संबद्धता मिलती है और एडमिशन दिए जाते हैं। राज्य में फार्मेसी के करीब सौ कॉलेज हैं। अधिकांश को पीसीआई से अनुमति मिल चुकी है। संबद्धता के लिए कॉलेजों ने सीएसवीटीयू को आवेदन दिया है। इसे लेकर अधिकारियों का कहना है रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है, जल्द ही संबद्धता लिस्ट जारी होगी। इसके बाद फिर तकनीकी शिक्षा संचालनालय से काउंसिलिंग के लिए शेड्यूल जारी होगा। पिछली बार डी.फार्मेसी में हुए अधिक एडमिशन फार्मेसी काउंसिलिंग को लेकर तैयारी की जा रही है। पिछली बार बी.फार्मेसी की तुलना में डी.फार्मेसी में अधिक एडमिशन हुए थे। डी.फार्मेसी की 5151 सीटों में से 4679 में प्रवेश हुए थे। 502 सीटें खाली थी। इसी तरह बी.फार्मेसी की 4178 सीटों में से 1916 में एडमिशन हुए थे। 2262 खाली थी। जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में फार्मेसी कॉलेजों की संख्या बढ़ी है, अधिकांश में डी.फार्मेसी का कोर्स शुरू किया गया। इस वजह से इसकी सीटें बढ़ी है। 2021 में 2741 सीटें थी, पिछले साल बढ़कर 5151 हुई। इस बार भी बढ़ेगी।


