झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा के पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सीआईडी जांच में पता चला है कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को नेपाल के वीरगंज में जवाब रटवाए गए थे। जिन आरोपियों को पकड़ा गया है, उन्होंने 19 से 21 सितंबर के बीच वीरगंज में अभ्यर्थियों को इकट्ठा किया था। सीआईडी के अनुसार एक मोबाइल नंबर पर एक अभ्यर्थी से गूगल पे के जरिए 50 हजार रुपए लिए गए। यह रकम 14 दिसंबर को ली गई। सीजीएल परीक्षा 21 और 2 सितंबर 2024 को तीन पालियों में हुई थी। परीक्षा के बाद पेपर लीक और धोखाधड़ी का मामला सामने आया था। इसके बाद जांच सीआईडी को सौंपी गई थी। सीआईडी इस मामले में आधा दर्जन से ज्यादा आरोपियों को सीआईडी गिरफ्तार कर चुकी है। छह आरोपियों की जमानत याचिका खारिज पेपर लीक मामले में जेल में बंद छह आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। सीआईडी के विशेष जज एसएन तिवारी की कोर्ट ने तीन मई को इस मामले में फैसला सुरिक्षत रख लिया था। जिनकी याचिका खारिज हुई, उनमें कविराज, रोबिन कुमार, अखिलेश कुमार, गौरव कुमार, निवास कुमार राय और अभिलाष कुमार शामिल हैं। ये सभी आरोपी इंडियन रिजर्व बटालियन-8 के जवान हैं। इन सभी को 25 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।


