झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को लातेहार में जन जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के दो उग्रवादी पप्पू साव और चंदन प्रसाद ने एसपी कुमार गौरव और सीआरपीएफ की 11वीं बटालियन के कमांडेंट याद राम बुनकर के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। दो छिपादोहर थाना क्षेत्र के होसिर गांव का रहने वाला है। इन दोनों उग्रवादियों को एसपी कुमार गौरव व सीआरपीएफ के 11वीं बटालियन के कमांडेंट याद राम बुनकर ने बुके, शॉल और माला पहनाकर किया। आत्मसमर्पण के दौरान दोनों की पत्नियां व परिजन भी मौजूद थे। एसपी कुमार गौरव ने बताया कि पुलिस के निरंतर अभियानों से उग्रवादी संगठन काफी कमजोर हो गए हैं और उनकी संख्या में भी भारी कमी आई है। उनका मुख्य उद्देश्य अब केवल लेवी वसूलने तक सीमित रह गया है। 2022 में जेजेएमपी के मनोहर दस्ते में शामिल हुआ था आत्मसमर्पण करने वाले चंदन ने खुलासा किया कि वह 2022 में जेजेएमपी के मनोहर दस्ते में शामिल हुआ था। वहीं, पप्पू साव 2017 से संगठन में सक्रिय था और 2018 में जेल भी जा चुका है। दोनों उग्रवादी बाहर से संगठन को सहायता पहुंचाते थे, लेकिन कभी दस्ते के साथ नहीं घूमे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, चंदन पर छिपादोहर थाने में एक मामला दर्ज है, जबकि पप्पू साव पर बालूमाथ और छिपादोहर थाने में कुल चार मामले दर्ज हैं। सीआरपीएफ कमांडेंट याद राम बुनकर ने अन्य उग्रवादियों से भी आत्मसमर्पण की अपील करते हुए चेतावनी दी कि यदि वे सरेंडर नहीं करेंगे तो पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।


