जेडीए में एंट्री पास सिस्टम व्यवस्था लागू तो कर दी गई, मगर ये आमजन के लिए गफलत भरी है। पास बनवाने के लिए दोपहर 12 बजे से ही जनसुनवाई केन्द्र के बाहर लाइनें लग गईं। जेडीए की अलग-अलग विंग में अधिकारियों के चैंबर तक पहुंचने के लिए आमजन को पास बनवाने के बाद घंटों इंतजार करना पड़ा। पास सिस्टम में आमजन को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसकी हकीकत देखने के लिए भास्कर िरपोर्टर 12:35 बजे जनसुनवाई केन्द्र पहुंचा। यहां पास बनवाने के लिए पहले से ही लाइनें लगी थी। विंडो सिस्टम की बजाय गेट सिस्टम से पास का फार्म दिया जा रहा था। फार्म भरकर उसे वापस गेट से ही जमा करवाया और 3 मिनट में एक मैसेज मोबाइल पर आ गया। पास बनवाने के लिए जो फार्म भरना है, उसके लिए लेने और जमा करवाने के लिए कोई विंडो सिस्टम नहीं था। महिला और बुजुर्गों के लिए कोई अलग से लाइन की व्यवस्था नहीं थी, इससे वे धक्के खाते रहे। फार्म भरने के लिए भी दीवार का सहारा लेना पड़ा एंट्री पास फार्म प्राफोर्मा में नाम, पता, मोबाइल नंबर भरना होगा। इसके बाद कारण, अतिक्रमण, विकास, नियमन कैंप, भूखंड आवंटन के ऑप्शन पर टिक करके किस बिल्डिंग में और कौनसे जोन में जाना है। यह भरनी होगा, लेकिन वहां ज्यादातर को पता नहीं था किस बिल्डिंग में जाना है। इसके अलावा एंट्री पास फार्म भरने के लिए कोई डेस्क व्यवस्था नहीं होने से भी परेशानी आई। विजिटर्स कार के बोनट, दीवार का सहारा लेकर फार्म भरते नजर आए। एंट्री पास सिस्टम को अपडेट करेंगे, ऑनलाइन भी करेंगे : जेडीए एडिशनल कमिश्नर प्रिया बलराम ने बताया कि पास सिस्टम आमजनता की सुविधा के लिए है। इसमें आ रही शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा। जनसुनवाई केन्द्र में लगे कर्मचारियों को आमजन के मार्गदर्शन के निर्देश दिए हैं, जिनके पास स्मार्ट फोन या मोबाइल पर इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है, उनके लिए पास की हार्ड कॉपी दी जाएगी। जेडीए इस सिस्टम को जल्द अपडेट करेगा। इसमें आमजन घर बैठे जेडीए वेबसाइट या मोबाइल एप से पास बनवा सके ऐसी व्यवस्था की जाएगी। इससे जेडीए में बैठकर इंतजार नहीं करना पड़ा। 500 लोग पहुंचे, वेटिंग रूम में सिर्फ 5 कुर्सियां, महिला-बुजुर्ग हुए परेशान 3 बजे जोन कार्यालयों में भीड़ बढ़ गई। अधिकारी से 2 मिनट की मुलाकात के लिए 3 घंटे इंतजार किया और इसके बाद जोन में लाइनें लगी रहीं। जनसुनवाई केन्द्र में एडिशनल कमिश्नर प्रिया बलराम ने जायजा भी लिया। जेडीए ने बिना पास के एंट्री से रोकने के लिए करीब 20 सिविल डिफेंस वांलिटियर्स को हायर किया है। पास बनवाने के लिए 12 से 3 बजे का समय तय किया है। ऐसे में जनसुनवाई केन्द्र पर 12 बजे से पास बनना शुरू हो गए, लेकिन एंट्री 3 बजे होने से आमजन के लिए इंतजार करना भारी रहा। जनसुनवाई केन्द्र के बाहर केवल 5 कुर्सियां लगाकर वेटिंग रूम बना दिया, लेकिन भीड़ बढ़ने से परेशानी हुई। अधिकारियों से मिलने का समय 3 से 5 बजे तक होने से पास बनवाने के बावजूद दो से 3 घंटे का इंतजार करना पड़ा। झोटवाड़ा निवासी प्रदीप को डिमांड राशि जमा करानी थी। इसके लिए जेडीए में 11 बजे पहुंच गए, पहले गार्ड ने बिल्डिंग में जाने से रोक दिया। पास बनवाने के बाद पता चला 3 बजे एंट्री होगी, जबकि 10 मिनट का काम था।


