जेल में करवट बदलते कटी जूनियर इंजीनियर की पहली रात:फिलहाल 10 दिन काटने होंगे मुलाहिजा बैरक के अंदर, सिफारिशी फोन से अफसर परेशान

मेरठ में रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह की रात जेल में करवट बदलते हुए कटी। फिलहाल वह दस दिन तक मुलाहिजा बैरक में रहेंगे। इसके बाद ही बैरक में शिफ्ट किया जाएगा। उधर, जेई के निलंबन का आदेश गुरुवार शाम तक भी विभाग को नहीं मिला। माना जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर तक आदेश जारी हो सकता है। ठेकेदार की शिकायत पर हुई कार्रवाई
इंचौली निवासी धर्म सिंह की डीएस कॉन्ट्रैक्टर्स के नाम से फार्म है। उनका बेटा अंकुर सिंह उनका कामकाज संभालता है। उनकी फर्म ने लगभग 8 लाख रूपए का एक काम किया था। सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह ने पूरा पेमेंट कराने के लिए 3 लाख रूपए की रिश्वत मांगी। मंगलवार को अंकुर की शिकायत के बाद विजिलेंस की टीम ने ब्रजराज सिंह को 2 लाख रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 3.71 लाख के पेमेंट को मांगे 3 लाख रूपए
शिकायतकर्ता अंकुर ने बताया कि ऑफलाइन टेंडर के जरिए 1 दिसंबर, 2025 को उन्हें गाजियाबाद के मछरी माइनर (0.800 किलोमीटर से 1.600 किलोमीटर दूरी तक) के पुनर्स्थापना का कार्य मिला था। 30 दिसंबर को काम पूरा हो गया और अंकुर ने पिता की तरफ से पेमेंट की फाइल लगा दी। 4,32,644 रूपए का पेमेंट भी हो गया लेकिन शेष पेमेंट जो लगभग 3.71 लाख रूपए था, उसका पेमेंट करने के लिए 3 लाख रूपए की रिश्वत मांगी और ना देने पर धमकी दी। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
बुधवार को विजिलेंस की टीम ने रिमांड के लिए जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने रिमांड पर सुनवाई करते हुए जूनियर इंजीनियर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का फरमान सुना दिया। विजिलेंस टीम शाम को जूनियर इंजीनियर को लेकर जेल पहुंची और दाखिल करा दिया। जेल की सलाखों के पीछे नींद उड़ी
जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह की सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद नींद उड़ गई है। पहली रात उनकी करवट बदलते हुए कटी। उनको फिलहाल मुलाहिजा बैरक में रखा गया है, जहां उन्हें 10 दिन रहना होगा। 10 दिन के बाद उन्हें मुख्य बैरक में अन्य बंदियों के साथ शिफ्ट कर दिया जाएगा। जेई के लिए घनघनाए सिफारिशी फोन
जेल में जूनियर इंजीनियर अपने बचाव का हर पैंतरा आजमा रहा है। सूत्र बताते हैं कि जेल में पहुंचने के बाद जूनियर इंजीनियर को सहूलियत दिलाने के लिए अफसरों तक फोन पहुंच रहे हैं। हालांकि अफसरों ने इस तरह की किसी भी मदद से साफ इंकार कर दिया। आज होगी निलंबन की कार्रवाई
राज्य कर्मचारी की गिरफ्तारी के 48 घंटे बाद उसे निलंबित किया जाता है। गुरुवार शाम तक ऐसा कोई आदेश सिंचाई विभाग को नहीं मिला। माना जा रहा है कि शुक्रवार सुबह 48 घंटे पूर्ण होंगे, जिसके बाद जूनियर इंजीनियर के निलंबन का आंदेश जारी हो जाएगा।

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