प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज शुक्रवार को जेल में बंद वरिष्ठ कांग्रेस नेता कवासी लखमा से मुलाकात करने पहुंचे। जेल पहुंचकर बैज ने लखमा का हाल-चाल जाना और उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। कुछ महिने पहले ही कवासी लखमा की आंखों का ऑपरेशन हुआ है। कौन हैं कवासी लखमा?
कवासी लखमा बस्तर अंचल से कांग्रेस के सबसे मजबूत और प्रभावशाली आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं। वे सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2013 के दरभा घाटी नक्सली हमले में वे उन नेताओं में शामिल थे, जो चमत्कारिक रूप से जीवित बचे। 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कवासी लखमा को आबकारी मंत्री बनाया गया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के 13 मंत्रियों में से केवल चार ही अपनी सीट बचा पाए थे, जिनमें कवासी लखमा भी शामिल रहे। क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। ED ने इस मामले में एसीबी में FIR दर्ज कराई है, जिसमें करीब 3,200 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का दावा किया गया है। FIR में राजनेताओं, आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के नाम शामिल बताए गए हैं। ED के अनुसार, तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।


