जेल में भाई के पास ले गए वकील का शव:प्रेमिका के धोखे से आहत होकर ग्वालियर में लगा ली थी फांसी; बनारस में आज होगा अंतिम संस्कार

मुरैना में प्रेमिका (सब इंस्पेक्टर) से मिले धोखे के बाद हाईकोर्ट के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। घटना सोमवार (15 दिसंबर) को आदर्शपुरम गोला का मंदिर की थी। मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से वकील के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके बाद शव परिजन के सुपुर्द किया गया है। परिजन शव को लेकर सबसे पहले ग्वालियर सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां मृतक के बड़े भाई प्रणव सिंह चौहान ने उसके पार्थिव देह के दर्शन किए हैं। इसके बाद परिजन शाम 5 बजे शव को लेकर बनारस (यूपी) के लिए रवाना हो गए हैं। बुधवार सुबह बनारस के घाट पर मृत्युंजय के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। रूम से तीन मोबाइल, रस्सी जब्त की
मंगलवार को गोला का मंदिर थाना पुलिस एक बार फिर घटना स्थल पर पहुंची है। पुलिस की टीम ने मृतक के रूम की छानबीन की है। यहां से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन, रस्सी व एक आवेदन जब्त किया है। आवेदन सिविल लाइन थाना मुरैना को प्रेषित करते हुए लिखा गया है। पुलिस ने मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस को यकीन है कि मोबाइल से एडवोकेट के सुसाइड से जुड़े और भी कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। वड़ोदरा से ग्वालियर आए पिता
मृत्युंजय की मौत की खबर मिलते ही उसके पिता कुलदीप सिंह चौहान मंगलवार को वडोदरा गुजराज से ग्वालियर पहुंचे हैं। बता दें कि लंबे समय से मृत्युंजय, उसकी मां और भाई प्रणव अपने पिता से अलग रह रहे थे। सोमवार को भी घटना के बाद वकील की मां ने बताया था कि पति से उनका कोई लेना-देना नहीं है। हत्या के मामले में सेंट्रल में बंद है भाई
हाईकोर्ट के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान की मौत के बाद मंगलवार को उसके शव को लेकर परिजन ग्वालियर सेंट् जेल पहुंचे थे। यहां सेन्ट्रल जेल में मृत्युंजय का बड़ा भाई प्रणव सिंह चौहान हतया के मामले में बंद है। भाई की मौत का पता चलते ही वह विचलित हो गया था, लेकिन वह बाहर नहीं आ पा रहा था। जिस कारण परिजन ने जेल पहुंचकर जेल प्रबंधन से बातचीत कर मृतक भाई के पार्थिव देह के दर्शन प्रणव को कराए हैं। 30 दिसंबर को प्रेमिका से करने वाला था शादी
ग्वालियर में गोला का मंदिर आदर्शपुरम में एक वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने सोमवार को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। ऐसा बताया गया है कि वह 30 दिसंबर को मुरैना में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर से लव मैरिज करने वाला था। शुक्रवार (12 दिसंबर) को वह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए उसके मुरैना कोतवाली स्थित शासकीय क्वार्टर में पहुंचा था। वैसे वह हर शनिवार और रविवार उससे मिलने जाता था, लेकिन इस बार मृत्युंजय शुक्रवार को उसे सरप्राइज देने पहुंच गया। जब वह पहुंचा तो वहां वहां प्रेमिका अपने कमरे में एक आरक्षक के साथ थी। वकील का उससे विवाद हो गया। दोनों के बीच हाथापाई भी हुई। जिसमें प्रेमिका व उसके साथ मौजूद आरक्षक को चोट भी लगी है। शासकीय क्वार्टर में जबरन घुसने और तोड़फोड़ करने पर वहां शिकायत भी हुई थी। उस घटना के बाद से वह आहत था। ग्वालियर में रविवार रात उसने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना से पहले उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ‘प्रेम में मुक्ति नहीं…मृत्यु है’ स्टेटस शेयर किया। इस पर प्रेमिका ने ‘ब्लेस’ लिखकर कमेंट भी किया था। घटना के बाद मृत्युंजय के परिजन का आरोप है कि प्यार में धोखा मिलने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। मृत्युंजय चौहान आदर्श पुरम में किराए के मकान में रहता था। वह वकालत के साथ पीएचडी भी कर रहा था। परिजन की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की है। 5 साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
वकील की मां शिवकुमारी ने बताया कि बेटे का पिछले पांच साल से मुरैना में पदस्थ एक एसआई प्रीति के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। शुक्रवार को उसने अपनी प्रेमिका को किसी अन्य आरक्षक के साथ कमरे में देख लिया था। इसके बाद दोनों के बीच विवाद भी हुआ था, जिसके बाद से वह अवसाद में था। मृत्युंजय की मां ने बताया कि बेटा 30 दिसंबर को अपनी प्रेमिका से कोर्ट मैरिज करने वाला था। मां का कहना है कि उस घटना के बाद मैंने उसे कई बार समझाया था। सोमवार को मैं उससे मिलने विजयपुर से ग्वालियर आई थी। यहां मुझे इस दुखद घटना का पता चला। मां बोलीं- मेरा सहारा छीन लिया
मृत्युंजय के शव को फांसी से उतारने के बाद जब पुलिस ने उसके शरीर से अलग किया कड़ा चैन और ताबीज जैसी चीजों को जब मृत्युंजय की मां को सौंपा तो वह बिलखते हुए बोली इनका मैं क्या करूंगी, भगवान ने तो मेरा असली सहारा ही छीन लिया। मां ने कहा कि अब मैं जी कर भी क्या करूंगी और किसके लिए जिऊंगी। अभी हाल ही में मृत्युंजय ने ही मेरा दिल्ली में ऑपरेशन भी करवाया था। सुबह शाम मुझे फोन करके पूछता भी था कि मां कैसी है। तकलीफ होने पर आता था और मुझे दवा भी दिलवाता था। थाने में शिकायत की, सुनवाई नहीं हुई
मृत्युंजय ने प्रेमिका के घर हुई मारपीट की शिकायत थाने में की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तब उसने घर आकर अपनी मां को कॉल किया और रोते हुए सारी बात बताई। मां के समझाने के बावजूद भी वह इस कदर टूट चुका था कि उसने फांसी लगा ली। पुलिस को वकील के रूम से एक आवेदन लिखा मिला है जो उसने मुरैना के सिविल लाइन थाना को प्रेषित कर लिखा था, लेकिन उसकी प्रेमिका का क्वार्टर कोतवाली मुरैना में आता था। जिस कारण उसकी शिकायत नहीं ली गई होगी। ऐसा भी पता लगा है कि प्रेमिका के शासकीय आवास में घुसकर तोड़फोड़ करने व मारपीट करने पर उस पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल इसकी पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। देह तक दान कर चुकी है मां
मृतक के माता-पिता दोनों काफी समय से अलग रहते हैं। पिता गुजरात के वड़ोदरा रहते हैं। बड़ा भाई मां के साथ नहीं रहता है। मां का वह इकलौता सहारा था। मां शिवकुमारी गवर्नमेंट टीचर हैं और विजयपुर के पास ही एक स्कूल में नौकरी करती हैं। वे अपनी देह भी गजराराजा मेडिकल कॉलेज के लिए दान कर चुकी है। इतना ही नहीं विजयपुर के जिस मकान में वह रहती हैं उसे भी दान कर चुकी हैं। गोला का मंदिर थाना प्रभारी हरेंद्र शर्मा ने बताया कि शव का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है। परिजन शव लेकर बनारस के लिए रवाना हो गए हैं।

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