झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में मंगलवार को जेल मैनुअल को लागू करने से जुड़ी स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से स्पष्ट रूप से पूछा कि जेलों में रिक्त पदों को भरने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या गृह एवं कारा विभाग की ओर से जेपीएससी और जेएसएससी को अधियाचना भेजी गई है। कोर्ट ने इस संबंध में अद्यतन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। पूर्व की सुनवाई में न्याय मित्र अधिवक्ता मनोज टंडन ने झारखंड में महिला कैदियों के लिए अलग जेल की जरूरत पर भी सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि देश में 31 महिला जेल हैं, जबकि झारखंड में एक भी नहीं है। इस पर कोर्ट ने विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करने को कहा। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि जेल मैनुअल संबंधी अधिसूचना जारी की जा चुकी है। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त 2025 को होगी।


