जेल विभाग ने 394 बंदियों की रिहाई का प्रस्ताव ठुकराया:26 जनवरी को 87 बंदी होंगे रिहा, जुर्माना जमा न करने पर नहीं मिलेगी रिहाई

गणतंत्र दिवस पर मध्यप्रदेश की जेलों में बंद 87 बंदियों को समय-पूर्व रिहा किया जाएगा। जेल विभाग द्वारा 481 बंदियों की समय-पूर्व रिहाई के प्रस्तावों का परीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। इनमें से 394 बंदियों को रिहाई के लिए अपात्र पाए जाने पर उनके प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए हैं। विभाग ने जिन 87 बंदियों को सजा पूरी होने से पहले रिहा करने के लिए पात्र घोषित किया है, उनकी पात्रता का आधार जेल विभाग द्वारा तैयार किया गया मैन्युअल है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 432–433 क और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत यह निर्णय लिया गया है। पात्र बंदियों की समयपूर्व रिहाई के लिए निर्धारित सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। इन स्थितियों में रिहा नहीं हो सकेंगे आजीवन कारावास के बंदी इसके अलावा गैर आजीवन कारावास की सजा से दंडित बंदियों की रिहाई के मामले में उज्जैन सर्कल से एक, सतना सर्कल से 4, रीवा सर्कल से दो बंदियों को 30 दिन के परिहार के लिए पात्र पाया गया है। सर्कल वार रिहा होने वाले बंदी और नामंजूर प्रस्ताव

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