शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को 6 दिवसीय श्रीमद् जिनेन्द्र शांतिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। श्रमणाचार्य विशुद्ध सागर के शिष्य मुनि समत्व सागर, मुनि शील सागर महाराज ससंघ, गणिनी आर्यिका नंगमति माता एवं क्षुल्लिका पदम मति माता के सानिध्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रतिष्ठाचार्य पं. धर्म चन्द शास्त्री और सह प्रतिष्ठाचार्य जिनेश भैय्या के मार्गदर्शन में सुबह 7:30 बजे मंदिर से भव्य घट यात्रा निकाली गई। यात्रा बी टू बाई पास स्थित मेट्रो एनक्लेव की हस्तिनापुर नगरी तक पहुंची। इस दौरान सैकड़ों महिलाएं पीली साड़ी में मंगल कलश लेकर चल रही थीं, जबकि पुरुष नृत्य और गायन करते हुए शामिल हुए। हस्तिनापुर नगरी में डॉ. राजेश और मंजू जैन छाबड़ा परिवार ने ध्वजारोहण किया। कैलाश-पुष्पा काला चंदलाई परिवार ने मंडप का उद्घाटन किया। राजेन्द्र-कमला टोडरका परिवार द्वारा आचार्य शांति सागर और आचार्य विशुद्ध सागर महाराज के चित्रों का अनावरण किया गया। मनोरमा देवी और मनोज ठोलिया परिवार ने नांदी मंगल कलश स्थापना की। सौधर्म इन्द्र नीरज, कुबेर विमल छाबड़ा, महा यज्ञनायक धनेश सेठी समेत अन्य लोगों ने श्री जी का अभिषेक किया। कल मंगलवार को जन्म कल्याणक की विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। प्रचार प्रभारी विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि 21 जनवरी को जन्म कल्याणक मनाया जाएगा । इस मौके पर जन्माभिषेक की विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। पाण्डुक शिला पर तीर्थंकर बालक शांति कुमार के 1008 कलशों से जन्माभिषेक किये जाएंगे। बुधवार 22 जनवरी को तप कल्याणक और गुरुवार, 23 जनवरी को केवल ज्ञान कल्याणक मनाया जाएगा। शुक्रवार, 24 जनवरी को मोक्ष कल्याणक महोत्सव के बाद विश्व शांति महायज्ञ एवं रथयात्रा निकाली जाएगी। तत्पश्चात नवीन वेदियों में जिन बिम्बों को विराजमान किया जाएगा।


