आचार्य और आर्यिका संघ के शहर में प्रवेश के बाद जैन समाज के तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन आज से शुरू होंगे। आज जिनालय में महामस्तिष्काभिषेक और मंगल प्रवचन से आयोजन की शुरुआत होगी। बुधवार को अभिषेक और शांतिधारा के साथ तीन दिवसीय धार्मिक आयोजनों का समापन होगा। बता दें कि रविवार को आचार्य संघ और आर्यिका संघ ने नगर में प्रवेश किया। उनके स्वागत के लिए जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। जयस्तंभ चौराहे पर अगवानी की गई, जहां बैंड-बाजों की मधुर ध्वनि और भक्ति भाव से ओत-प्रोत वातावरण में श्रद्धालुओं ने आचार्य आर्जव सागर और आर्यिका सृष्टि भूषण माताजी के संघ का स्वागत किया। इसी अवसर पर आचार्य विद्यासागर के चरणों को भी डोंगरगढ़ से गुना लाया गया, जिसे विभिन्न मंदिरों में स्थापित किया जाएगा। सुबह ग्राम मावन स्थित पेट्रोल पंप से आर्यिका सृष्टि भूषण माता ने संघ के साथ नगर में प्रवेश किया। विवेक कॉलोनी और कैंट रोड होते हुए जब संघ हनुमान चौराहे पहुंचा, तो जैन समाज ने पूरे उत्साह से अगवानी की। इसके बाद जयस्तंभ चौराहे पर भव्य स्वागत किया गया, जहां आचार्य आर्जव सागर का संघ भी पहुंचा। यहां से बैंड-बाजों के साथ जुलूस प्रारंभ हुआ, जिसमें श्रद्धालु भक्ति भाव से चलते हुए संघ का स्वागत कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने अपने घरों और दुकानों के सामने रंगोली सजाई, दीप जलाए और आरती उतारकर आचार्य संघ का स्वागत किया। इस दौरान विशेष रूप से आचार्य विद्यासागर के चरणों को एक रथ में नगर भ्रमण कराया गया। जुलूस जयस्तंभ चौराहे से होते हुए सुगम चौराहा, सदर बाजार, बताशा गली से गुजरकर चौधरी मोहल्ला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचा, जहां प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस अवसर पर आचार्य आर्जव सागर के साथ मुनि भाग्य सागर, महंत सागर, सजग सागर और सानंद सागर भी उपस्थित रहे। वहीं, आर्यिका सृष्टि भूषण माता जी के संघ में आर्यिका विश्वयशमती माता, विमलमती माता और आप्तमती माता भी शामिल थीं। इतने बड़े संत समुदाय की उपस्थिति से जैन समाज में विशेष हर्ष का माहौल रहा। आज से तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन इस आगमन के उपलक्ष्य में जैन समाज द्वारा 17 से 19 फरवरी तक तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिसमें श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। 17 फरवरी को श्री वासु पूज्य जिनालय में महामस्तिष्काभिषेक और मंगल प्रवचन होंगे। शाम 6:30 बजे आचार्य भक्ति आनंद यात्रा एवं महाआरती का आयोजन किया जाएगा। रात 8 बजे महावीर भवन में टीकमगढ़ से आए कलाकारों द्वारा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी जाएगी। 18 फरवरी को सुबह 6:30 बजे श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पूजन-अर्चन, अभिषेक और शांतिधारा की जाएगी। सुबह 8 बजे से महावीर भवन में आचार्य छत्तीसी विधान एवं प्रवचन होंगे। शाम 7 बजे चौधरन कॉलोनी स्थित कीर्ति स्तंभ पर अहिंसा ग्रुप द्वारा 48 दीपों से भक्तांबर पाठ किया जाएगा। इसके बाद रात 8 बजे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें अजय अहिंसा (जबलपुर), आशीष भैया (तेंदुखेड़ा) सहित अन्य प्रसिद्ध कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से आचार्य विद्यासागर का गुणगान करेंगे। 19 फरवरी को सुबह 7 बजे अभिषेक और शांतिधारा होगी। इसके बाद सुबह 8 बजे से असीमकालीन भक्तांबर विधान एवं आचार्य संघ के प्रवचन होंगे। समाज के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से इन कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में सम्मिलित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है। इस आयोजन के माध्यम से समाज में धार्मिक जागरूकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा, जिससे सभी श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति की अनुभूति होगी।


