जैसलमेर के सोनार किले में अब इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसका रूट और ये नई सेवा टूरिस्ट को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है। इसमें प्रत्येक सवारी का किराया 10 रुपए होगा। इसके लिए नगर परिषद 17 दिसम्बर से टेंडर करेगी। आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा ने बताया- जैसलमेर का ऐतिहासिक दुर्ग विश्वभर में अपनी अनूठी स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है और पर्यटक यहां स्वच्छ, व्यवस्थित और शांत वातावरण की उम्मीद लेकर आते हैं। इलेक्ट्रिक कार्ट इस दिशा में एक बेहतर और आधुनिक विकल्प साबित होंगी। सेवा के लिए 10 से 40 गोल्फ कार्ट नगरपरिषद ने टेंडर शर्तों में स्पष्ट किया है कि संचालक को कम से कम 10 गोल्फ कार्ट लगानी होंगी, जबकि अधिकतम सीमा 40 कार्ट तय की गई है। इन कार्टों से पर्यटकों को नीरज चौराहा से अखे प्रोल तक ले जाया जाएगा। इसके साथ ही रिंग रोड के पूरे चक्र में कहीं भी उतरने-चढ़ने की सुविधा रहेगी, ताकि पर्यटक दुर्ग के बाहरी हिस्सों को आसानी से देख सकें। सेवा शुरू होने के बाद एक बड़ा बदलाव यह भी होगा कि रिंग रोड पर तिपहिया टैक्सियों के संचालन पर रोक रहेगी। परिषद का मानना है कि गोल्फ कार्ट कम जगह घेरती हैं, आवाज कम करती हैं और इनसे यात्रा भी धीमी गति से होती है, जिससे पैदल चलने वाले और साइकिल सवार अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। केवल 10 रुपए प्रति व्यक्ति होगा किराया नगरपरिषद की योजना के अनुसार, इस सेवा को एक निजी संस्था या फर्म द्वारा संचालित किया जाएगा। इसके लिए इच्छुक संचालकों को 50 हजार रुपए धरोहर राशि जमा करानी होगी। वहीं संचालन अधिकार के लिए न्यूनतम बोली 2 लाख रुपए तय की गई है। नीलामी में सफल रहने वाले बोलीदाता को यह काम तीन साल की अवधि के लिए दिया जाएगा और उसे हर वर्ष बोली गई राशि में 10% वार्षिक बढ़ोतरी के साथ भुगतान करना होगा। इसके अनुसार प्रति व्यक्ति 10 रुपए किराया लिया जाएगा जिससे सैलानियों और स्थानीय निवासियों को बहुत फायदा होगा। शांत, प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित- यही कार्ट की खासियत इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट रिचार्जेबल बैटरियों से चलती हैं, जिससे इनसे ध्वनि और वायु प्रदूषण नहीं होता। सोनार दुर्ग जैसे विश्व धरोहर स्थल के आसपास यह एक बड़ी जरूरत भी है। कार्ट में हेडलाइट, सीट बेल्ट और टर्न सिग्नल जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाती हैं। इनकी औसत गति 15 से 35 मील प्रति घंटे के बीच रहती है, जिससे ये संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षित संचालन के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं। ट्रेफिक से मिलेगा छुटकारा आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा के अनुसार, सीजन में सोनार दुर्ग में रोजाना हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में रिंग रोड पर गोल्फ कार्ट सेवा शुरू होने से उनकी मूवमेंट आसान होगी और यातायात दबाव भी कम होगा। उन्होंने कहा कि जैसलमेर का ऐतिहासिक दुर्ग विश्वभर में अपनी अनूठी स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है और पर्यटक यहां स्वच्छ, व्यवस्थित और शांत वातावरण की उम्मीद लेकर आते हैं। इलेक्ट्रिक कार्ट इस दिशा में एक बेहतर और आधुनिक विकल्प साबित होंगी। पर्यटकों को मिलेगा नया अनुभव नगरपरिषद का मानना है कि गोल्फ कार्ट सेवा पर्यटकों को न केवल आरामदायक यात्रा देगी, बल्कि रिंग रोड के पूरे दायरे में दुर्ग को करीब से देखने का अवसर भी प्रदान करेगी। पर्यटन सीजन में होने वाली भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था आने वाले समय में स्थायी समाधान बन सकती है।


