जैसलमेर जिले में विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिले की सभी पंचायत समितियों और नगर निकायों में 31 जनवरी तक विशेष सहायता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। पहचान दस्तावेजों के अभाव में सरकारी सुविधाओं से वंचित रहने वाले इन परिवारों के लिए यह शिविर बड़े मददगार साबित होंगे। शिविरों में मुख्य रूप से पहचान पत्र के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी और जन आधार कार्ड बनेंगे। जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास और घुमंतू जाति पहचान पत्र के साथ राशन कार्ड व अन्य आवश्यक कागजात भी बनेंगे। अफसरों को सौंपी जिम्मेदारी जिला कलेक्टर ने उपखंड अधिकारियों (SDO) को इन शिविरों का प्रभारी बनाया है। ग्रामीण इलाकों में विकास अधिकारी (BDO) और शहरों में नगर परिषद/नगरपालिका के आयुक्त व अधिशाषी अधिकारी व्यवस्थाएं संभालेंगे। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि हर शिविर में ई-मित्र सेंटर, कंप्यूटर और फोटोग्राफर की उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम इन परिवारों को शिविर स्थल तक लाने में मदद करेगी। साप्ताहिक रिपोर्ट होगी पेश समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को इस पूरे अभियान का समन्वयक बनाया गया है। वे हर दिन की प्रगति पर नजर रखेंगे और साप्ताहिक रूप से इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी घुमंतू परिवार बिना पहचान पत्र के न रहे।


