मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का शौक कहीं किसी की जान पर भारी न पड़ जाए, इसे लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिला कलेक्टर प्रतापसिंह ने जिले में चाइनीज मांझे और सिंथेटिक डोर के इस्तेमाल, बिक्री और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। प्रशासन ने यह सख्त कदम परिंदों की सुरक्षा और आमजन को हादसों से बचाने के लिए उठाया है। जिला कलेक्टर प्रतापसिंह ने कहा कि, “चाइनीज मांझा इंसानों और बेजुबान पक्षियों, दोनों के लिए जानलेवा है। यह मांझा न केवल दोपहिया वाहन चालकों के गले काट देता है, बल्कि विद्युत का सुचालक होने के कारण इससे करंट लगने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का भी बड़ा खतरा रहता है। हमारा उद्देश्य त्योहार की खुशी को बरकरार रखना और हादसों को शून्य करना है। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” सुबह-शाम पक्षियों के लिए ‘नो फ्लाई ज़ोन’ कलेक्टर प्रताप सिंह ने आदेश जारी किया है कि सुबह 6 से 8 बजे और शाम 5 से 7 बजे तक जिले में कोई भी पतंग नहीं उड़ाएगा। दरअसल, यह समय पक्षियों के विचरण का होता है। इस समय आसमान में पतंग की डोर होने से सबसे ज्यादा पक्षी जख्मी होते हैं या अपनी जान गंवा देते हैं। इन पर रहेगी कड़ी नजर धातु युक्त डोर पर प्रतिबंध लगाया गया है। धातुओं के मिश्रण से बना मांझा, नायलॉन, प्लास्टिक और सिंथेटिक धागा पूरी तरह प्रतिबंधित है। शहर और ग्रामीण इलाकों की दुकानों पर औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं भी अवैध मांझा पाया गया, तो स्टॉक जब्त कर दुकानदार के खिलाफ धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज होगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल पारंपरिक सूती धागे (सद्दी) का ही प्रयोग करें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे जैसलमेर राजस्व सीमा में लागू हो गया है। प्रशासन ने सभी थानाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में इस आदेश की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करें।


