पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में मौसम के मिजाज में आए अचानक बदलाव से पिछले दो दिनों से सर्दी से काफी राहत मिली है। फरवरी की शुरुआत के साथ ही मरुस्थलीय क्षेत्र में ठिठुरन कम होने लगी है और धूप के तेवर तीखे हो गए हैं। गुरुवार को जैसलमेर में दिन का अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 12.1 डिग्री तक पहुंच गया है, जो औसत से 1 डिग्री ज्यादा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में आगामी चार दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। आसमान साफ रहेगा और फिलहाल किसी नए विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार नहीं हैं, जिससे तापमान में और भी मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है। बदल गया मौसम का पैटर्न मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने और हवाओं की दिशा में आए बदलाव के कारण सर्दी का असर कम हुआ है। गुरुवार को दिनभर खिली तेज धूप के कारण लोगों को भारी गर्म कपड़े और जैकेट उतारने पड़े। हालांकि, रेगिस्तानी स्वभाव के कारण सूरज ढलने के बाद रात में हल्की ठिठुरन अब भी बरकरार है। वर्तमान में दिन और रात के तापमान के बीच करीब 15 डिग्री का बड़ा अंतर देखा जा रहा है। किसानों के लिए बढ़ी चिंता तापमान में अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। कृषि मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि फरवरी में बढ़ती गर्मी गेहूं, सरसों और चना की फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। फसल को गर्मी के प्रभाव से बचाने के लिए किसानों को आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है, ताकि खेतों में नमी बनी रहे और पैदावार की गुणवत्ता पर असर न पड़े। आगामी दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, जिले में आगामी चार दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। आसमान साफ रहेगा और फिलहाल किसी नए विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार नहीं हैं, जिससे तापमान में और भी मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है।


