विधानसभा में दौसा विधायक ने उठाए किसानों के मुद्दे:बोले-बेसहारा पशु फसलों को चौपट कर रहे, गोशालाएं खोली जाएं; गर्मी से पहले दुरूस्त हों पेयजल बंदोबस्त

विधानसभा में दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने क्षेत्र की जमीनी हकीकत सामने रखते हुए सरकार की नीतियों और दावों पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कागजों में योजनाएं चल रही हैं, लेकिन धरातल पर दौसा आज भी प्यासा है, किसान त्रस्त है और गोवंश सड़कों पर दम तोड़ रहा है। क्षेत्र की इन समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान खींचते हुए तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि दौसा आज पानी, पशुधन और किसान तीनों मोचों पर संकट से जूझ रहा है, लेकिन समाधान की दिशा में ठोस कदम नजर नहीं आ रहे। विधायक ने सदन को बताया कि विधानसभा क्षेत्र में सबसे गंभीर समस्या पेयजल की है। हर साल गर्मी आते ही हालात बद से बदतर हो जाते हैं। कई गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए मीलों दूर भटकना पड़ता है, टैंकरों पर निर्भरता बढ़ जाती है, लेकिन स्थाई समाधान अब तक नहीं हुआ। गोशालाएं खोलने की मांग
विधायक ने बेसहारा गायों और सांडों की मौत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में खुले में फैला कचरा और पॉलीथिन खाने से गायें और सांड लगातार मर रहे हैं। यह केवल पशुधन का नुकसान नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी गंभीर विषय है। विधायक ने लवाण, नांगल राजावतान और सैंथल क्षेत्र में गोशालाएं खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि इन क्षेत्रों में सुव्यवस्थित गोशालाएं स्थापित की जाएं, तो बेसहारा पशुओं की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है। किसानों को बेसहारा पशुओं से मिले निजात
विधायक ने कहा कि खेतों में घुसकर नंदी और बेसहारा पशु फसलों को चौपट कर रहे हैं। मेहनत से बोई गई फसल रातों-रात नष्ट हो जाती है, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रूप से टूट रहा है। उन्होंने नंदियों की देखरेख के लिए विशेष योजनाएं लाने की मांग रखी, ताकि उनका संरक्षण भी हो और किसानों को राहत भी मिले। पशुओं के लिए सुरक्षित चराई भूमि खत्म होती जा रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल ठोस निर्णय और बजटीय प्रावधान करने की मांग की।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *