जिले में पर्यटन सीजन के दौरान देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए नावों का संचालन हो रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि यहां चल रहीं 10 अधिकृत नावों की फिटनेस अवधि खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद नावों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। पिछले कुछ वर्षों में देशी-विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ नावों का संचालन भी बढ़ा है। लेकिन इन नावों की सुरक्षा और फिटनेस पर ध्यान न देकर संचालकों और प्रशासन ने सैलानियों की जान जोखिम में डाल दी है। इस संबंध में दैनिक भास्कर टीम ने पड़ताल में सामने आया कि शहर के कई स्थानों, जैसे पब्लिक पार्क और नाल स्थित मनोरंजन पार्कों में बिना लाइसेंस और स्वीकृति के नावों का संचालन हो रहा है। यहां तक कि आपदा प्रबंधन के लिए बनी स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की नाव का फिटनेस भी खत्म हो चुका है, इसके बावजूद अधिकांश जगहों पर नावों का संचालन हो रहा है। फिटनेस नहीं करवाने से होने वाले नुकसान जिले में 10 नावें आरटीओ से पंजीकृत जिले में 10 नावें प्रादेशिक परिवहन विभाग (आरटीओ) में पंजीकृत हैं, जिनका लाइसेंस मई 2025 तक वैध है, लेकिन उनकी फिटनेस अवधि 6 नवंबर 2024 को समाप्त हो चुकी है। दैनिक भास्कर की खोजबीन में सामने आया कि अकेले गजनेर पैलेस में सात नावों के संचालन की स्वीकृति आरटीओ से ली गई है। इसी प्रकार कपिल सरोवर के लिए दो और एसडीआरएफ ने एक नाव संचालन का लाइसेंस और फिटनेस आरटीओ से लिया है।


