जोधपुर में दुबई जैसा आईटी हब बनाएंगे। इसका इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐसा बनाएंगे, जो दिखने में दुबई जैसा हो। वहीं रोजगार मामले में अमेरिका और UK जैसा हो। हम 5 से 7 साल में इसे तैयार कर देंगे।’ यह कहना है जोधपुर के सुखदेव जांगिड़ का। सुखदेव जांगिड़ ने इस आईटी हब के लिए राज्य सरकार से 60,000 करोड़ रुपए का MOU किया है। सुखदेव जांगिड़ ने साल 2014 में ब्रिटेन की नागरिकता के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इसके बाद भारत का नागरिक बने रहने का निर्णय लिया। हाल ही प्रवासी सम्मेलन के दौरान जांगिड़ का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मान किया। दैनिक भास्कर ने सुखदेव जांगिड़ से खास बातचीत की। 7 देशों में कंपनी के ऑफिस
सुखदेव जांगिड़ ने करीब 11 साल पहले जोधपुर में साल 2014 में IT कंपनी ‘कैप्सीटेक’ की स्थापना की थी। ये कंपनी सॉफ्टवेयर बनाने का काम करती है। भारत, लंदन, यूके सहित 7 देशों में इस कंपनी के ऑफिस हैं। वहीं करीब 900 कर्मचारी वर्ल्डवाइड कंपनी में काम कर रहे हैं। सुखदेव जांगिड़ ने कहा- एक तरफ जहां देश और दुनिया में दुबई की आईटी हब की चर्चा की जाती है। उसी को लेकर मन में लक्ष्य बनाया कि भारत में भी ऐसी शुरुआत करें। इससे यहां के युवाओं को रोजगार के मिलने के साथ देश आईटी क्षेत्र में भी सिरमौर बने। 60 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
सुखदेव जांगिड़ ने बताया- इस आईटी हब से रोजगार के द्वार भी खुलेंगे। पहले चरण में इससे करीब 60 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सुखदेव ने बताया- 11 साल पहले उन्हें ब्रिटेन की नागरिकता मिल रही थी। उन पर नागरिकता लेने के लिए दबाव भी था, लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया। वे बोल- मैं भारतीय हूं। अपनी जड़ों से अपने शहर से जुड़ा रहूंगा। मेरी कोशिश है कि हम जितना अपने देश और लोगों को दे सकते हैं, उतना उनके लिए करें। युवा रुकें नहीं, डरे नहीं… एक दिन जरूर सफल होंगे
सुखदेव जांगिड़ ने कहा- 10 दिसंबर को हुए प्रवासी राजस्थानी दिवस कार्यक्रम के बारे में पहले लगा, सरकारी इवेंट है। उसमें क्या खास होगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने जिस तरह की व्यवस्थाएं की, उसे देखकर हम दंग रह गए। इन्वेस्टर के लिए बेहद शानदार मंच रहा। वहीं उन्होंने युवाओं को कहा- आप डरिए मत, रुकिए मत… एक दिन जरूर सफल होंगे। सांचौर में हुआ जन्म, जोधपुर में की हायर एजुकेशन
सुखदेव जांगिड़ का जन्म साल 1982 में सांचौर के पास अरणाई गांव में हुआ था। वे सामान्य किसान परिवार से थे। सुखदेव के पिता मोहनलाल जांगिड़ किसान थे। शुरुआती शिक्षा गांव में की। इसके बाद हायर एजुकेशन के लिए साल 1997 में जोधपुर आए। यहां से पढ़ने के बाद साल 2006 में लंदन में प्रोफेशनल क्वालीफिकेशन की पढ़ाई की। बाद में उन्होंने अपनी कंपनी की स्थापना की। सुखदेव जांगिड़ तीन भाई हैं। इसमें बड़े भाई का साल 2012 में देहांत हो गया। सुखदेव जांगिड़ सबसे छोटे हैं। चार बच्चे हैं पढ़ाई कर रहे हैं। पत्नी गृहिणी हैं।


