‘प्रयागराज महाकुंभ में जिन संत-महात्माओं के दर्शन दुर्लभ माने जाते थे, वे अब जोधपुर की धरती पर एकत्र हो रहे हैं।’ निर्मल पंचायती अखाड़ा के महामंडलेश्वर आचार्य ज्ञानदेव सिंह महाराज ने बताया कि यह अद्भुत संयोग बड़ा रामद्वारा के गादीपति रामप्रसाद महाराज के स्नेह और आग्रह का परिणाम है। महामंडलेश्वर ने कहा कि रामप्रसाद महाराज के निमंत्रण पर देशभर से ऐसे संत-महात्मा नवधा भक्ति महोत्सव में पधार रहे हैं, जिनके दर्शन सामान्यतः हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाते। यह जोधपुर के लिए एक दुर्लभ अवसर है, जब इतने महान संत एक साथ यहां उपस्थित होंगे। प्रभु से मिलने का सहज मार्ग है श्रवण भक्ति
वृंदावन से पधारे कथा व्यास इंद्रेश उपाध्याय महाराज ने सोमवार को बड़ा रामद्वारा में नवधा भक्ति महोत्सव के प्रथम दिन कहा कि भगवान के दर्शन से केवल आंखों को सुख मिलता है, लेकिन भगवान की कथा सुनने से शरीर के सभी रोग-दोष मिट जाते हैं। श्रवण भक्ति का महत्व
ऑकथा वाचन के दौरान इंद्रेश महाराज ने कहा कि जगन्नाथ भगवान केवल वाणी से ही अधिक प्रसन्न होते हैं। भगवत नाम श्रवण करने से मन के विकार मिटते हैं और भक्ति जागृत होती है। जीवन में कभी देह का अभिमान नहीं करना चाहिए। जो व्यक्ति भगवत नाम सुनता है, उसके मन के विकार मिट जाते हैं और अच्छे भाव भगवान पूर्ण करते हैं। महोत्सव का भव्य शुभारंभ
महोत्सव के प्रथम दिन निज मंदिर में भक्तमाल कथा की पूजा-अर्चना के साथ गाजे-बाजे से पोथी यात्रा निकाली गई। पुणे से आए सत्यप्रकाश जोशी, संतोष जोशी और विद्या जोशी ने वैदिक पूजा-अर्चना की। रात्रिकालीन सत्संग में फूल बंगले के साथ मीराबाई के पदों का रसपान हुआ और नौ दिवसीय हरि नाम संकीर्तन प्रारंभ किया गया। विशेष आयोजन का महत्व
सूरसागर बड़ा रामद्वारा के गादीपति रामप्रसाद महाराज के विरक्त संत वेश धारण के 50 वर्ष पूर्ण होने पर यह नौ दिवसीय महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर से अग्रपीठाधीश्वर, मलूकपीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज, रामस्नेही संप्रदाय खेड़ापा के पीठाचार्य पुरुषोत्तमदास महाराज सहित कई प्रमुख संत-महात्मा पधार रहे हैं।


