विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने कफ सिरप से बच्चों की मौत, इंदौर अस्पताल की लापरवाही और आलीराजपुर की आदिवासी छात्रा की संदिग्ध मौत जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। इन सबके बीच सबसे ज्यादा ध्यान खींचा जोबट विधायक सेना महेश पटेल के प्रतीकात्मक विरोध ने। उन्होंने ‘पूतना’ का मुखौटा पहनकर, गले में कफ सिरप की बोतलों की माला डालकर और बच्चों के पुतलों को साथ लेकर सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। उनकी यह प्रस्तुति पूरे परिसर में चर्चा का विषय बनी रही। सेना पटेल बोलीं- पूतना रूपी सरकार बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रही विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि सरकार आदिवासी समाज और बच्चों की सुरक्षा के प्रति “पूरी तरह असंवेदनशील” है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहरीले कफ सिरप, खराब भोजन और अस्पतालों की लापरवाही ने बच्चों की जान लेने का सिलसिला नहीं रोका। सेना पटेल ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, “यह पूतना रूपी सरकार है, जो बच्चों की जान लेकर भी चुप रहती है।” आदिवासी छात्रा की मौत पर भी उठाए सवाल काठीवाड़ा की आदिवासी छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर भी विधायक ने सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री आलीराजपुर में कार्यक्रम कर रहे थे, तब भी इस घटना पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सेना पटेल ने दावा किया कि फूड पॉइजनिंग की सूचना के बाद विभाग छह घंटे तक निष्क्रिय रहा, जिससे सरकार की “निर्ममता और असंवेदनशीलता” झलकती है। वहीं कांग्रेस के अन्य विधायकों ने कफ सिरप कांड, अस्पतालों की लापरवाही और आदिवासी छात्रा की मौत जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार पर एकजुट होकर हमला किया।


