पेटलावद में ब्राह्मण समाज ने आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। समाज ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम नायब तहसीलदार अंकिता भिड़े को ज्ञापन सौंपकर वर्मा के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। यह विरोध महिलाओं के प्रति की गई अशोभनीय टिप्पणी को लेकर है। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के उच्च प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा समाज की मातृशक्ति के प्रति अमर्यादित और अपमानजनक टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे पूरे समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य बताया गया। समाजजनों का कहना है कि ऐसे वक्तव्य से लगता है कि संतोष वर्मा अपने संवैधानिक दायित्व और प्रशासनिक पद की गरिमा भूल चुके हैं। ज्ञापन में भारत की पवित्र भूमि पर चाणक्य जैसे महापुरुषों के जन्म का उल्लेख किया गया, जिन्होंने अहंकारी शासकों को भी विनम्रता सिखाई थी। समाज ने कहा कि किसी भी समुदाय या समाज पर अभद्र टिप्पणी करना संप्रभु भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए विवश होंगे। ज्ञापन सौंपने के बाद समाजजनों ने साईं मंदिर चौराहे पर संतोष वर्मा का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज की महिलाएं, पुरुष और युवा उपस्थित रहे। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष मनोज जानी, राष्ट्रीय परशुराम सेना जिलाध्यक्ष रविराज पुरोहित, महिला विंग अध्यक्ष संगीता त्रिवेदी, युवा विंग अध्यक्ष अंशुल व्यास, महेश व्यास, कैलाशचंद्र शुक्ला, सुनील जानी, वीरेंद्र भट्ट, पंकज दवे, वेंकट त्रिवेदी, अशोक रामावत, राजेश पालीवाल, योगेश शर्मा, देवेश त्रिवेदी, शैलेंद्र दवे, जितेंद्र भट्ट, जगदीश जानी, श्रवण दवे, लक्की त्रिवेदी, मुकुंद भट्ट, देवेंद्र पुरोहित, मनोज व्यास, गौरव जानी, आदित्य भट्ट, दयाराम शर्मा, राकेश शर्मा सहित लता जानी, रश्मी दवे, नीता दवे, किरण जोशी, अविका जोशी और बड़ी संख्या में अन्य समाजजन मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन जीवन भट्ट ने किया, ज्ञापन का वाचन इशिता भट्ट ने किया और अंत में समाज अध्यक्ष मनोज जानी ने आभार व्यक्त किया।


