जो पौधे लगे ही नहीं, उनके रखरखाव पर खर्च कर दिए 1.25 करोड़

झारखंड में पौधरोपण के नाम पर 6.25 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है।​ वित्तीय वर्ष 2024-25 में अनगड़ा से नामकुम तक फोरलेन पर 13 हजार पौधे लगाए जाने थे। इसके लिए पांच करोड़ रुपए आवंटित हुए। पैसे तो खर्च हो गए, लेकिन पौधे जमीन पर नहीं, सिर्फ कागजों पर लगे। यही नहीं, एक साल में उसके मेंटेनेंस पर भी 1.25 करोड़ रुपए खर्च हो गए। रांची जिला परिषद के वन विभाग की सभापति अनुराधा मुंडा ने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए दो​षी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई हैं। अनुराधा मुंडा सोमवार को इस संबंध में डीसी से लिखित शिकायत कर सकती हैं। 3192 पेड़ कटे थे, इसकी जगह लगने थे 13 हजार हजार पौधे अनगड़ा-नामकुम फोरलेन के निर्माण के दौरान कुल 3192 पेड़ काटे गए थे। इसी की एवज में फोरलेन के दोनों ओर 13 हजार पौधे लगाए जाने थे। इसके लिए पथ निर्माण विभाग ने वन विभाग को पांच करोड़ रुपए दिए। लेकिन पैसों का भुगतान होने के बावजूद पेड़ नहीं लगाए गए। गौरतलब है कि विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण के दौरान काटे गए पेड़ों की एवज में 10 गुना पौधरोपण का निर्देश है। जो विभाग पेड़ काटता है, उसे पौधरोपण के लिए भुगतान करना पड़ता है। मैंने हाल ही में ज्वाइन किया है अनगड़ा-नामकुम फोरलेन के किनारे पौधरोपण हुआ है या नहीं, इस मामले में डिवीजन से बात करने के बाद ही विस्तार से कुछ जानकारी दे सकती हूं। मैंने हाल ही में महिलौंग रेंज का प्रभार लिया है। इसलिए इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है। -गायत्री देवी, वन क्षेत्र पदाधिकारी, महिलौंग रेंज जवाब नहीं दे रहा वन विभाग पथ निर्माण विभाग ने फोरलेन के दोनों ओर पौधरोपण के लिए वन विभाग को पांच करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। लेकिन वन विभाग ने अब तक पौधरोपण का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया है। 20 दिन पहले भी वन विभाग को उपयोगिता प्रमाण पत्र देने के लिए लिखा गया था। लेकिन न उपयोगिता प्रमाण पत्र दिया और न ही जवाब दिया। -राजेश कुमार महतो, जेई, अनगड़ा जोन पथ निर्माण विभाग फोरलेन पर जो पौधे लगाए जाने थे, उनमें नीम, जामुन और पीपल के पौधे थे। एक पौधे के रोपण के लिए 2300 रुपए का भुगतान किया गया। इनमें पौधे से लेकर गड्‌ढा खोदने, पौधों के बचाव के लिए गैंबियन, कीटनाशक, खाद व सिंचाई का खर्च शामिल है। लेकिन ये पौधे लगाए ही नहीं गए। ये पौधे वन विभाग के धुर्वा डिपो में आज भी पड़े हैं। भास्कर रिपोर्टर धुर्वा डिपो पहुंचा तो वहां ऐसे 500 पौधे मिले। बताया गया कि ये पौधे फोरलेन पर लगने हैं।

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