भास्कर न्यूज | दामापुर जो शिव को जान लेता है, वह जीवन के हर भय से मुक्त हो जाता है..। शिव कथा की इन पंक्तियों के साथ जैसे ही कथा पंडाल में स्वर उठा, पूरा वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। ग्राम कोलेगांव में चल रही शिव कथा लोगों को जोड़ने वाला आध्यात्मिक उत्सव बन चुका है। कथा सुनते श्रद्धालु भाव विभोर नजर आए। कोलेगांव मं श्री रुद्र महायज्ञ के अंतर्गत आयोजित शिव कथा में प्रवचनकर्ता पंडित सागर मिश्रा (पांडातराई वाले) हैं। वे भगवान शिव के रूद्र स्वरूप और करुणा का भावपूर्ण वर्णन कर रहे थे। चौपाइयों और उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने बताया कि शिव केवल संहारक नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन, धैर्य और शांति के प्रतीक हैं। पंडित मिश्रा ने कथा के दौरान बताया कि शिव कथा का श्रवण करने से मानसिक शांति मिलती है। जीवन के संकट स्वतः दूर होने लगते हैं। कोलेगांव में 3 फरवरी से प्रारंभ हुए श्री रुद्र महायज्ञ के वैदिक मंत्र अब गांव के हर कोने तक पहुंच चुके हैं। यज्ञ वेदी से उठती ऋचाएं सुबह से शाम तक वातावरण को पवित्र कर रही हैं। यज्ञाचार्य पंडित योगेश्वर दुबे (पंडरिया वाले) के नेतृत्व में ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया जा रहा है। वहीं वेदाचार्य पंडित महेश्वर प्रसाद द्विवेदी (कारेसरा वाले) उपाचार्य के रूप में अनुष्ठान का संचालन कर रहे हैं। आयोजन के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मर्यादा, त्याग और धर्म का संदेश दिया जा रहा है। वहीं रात्रिकालीन समय में श्रीकृष्ण लीला की भव्य प्रस्तुति श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ सांस्कृतिक आनंद भी दे रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग कथा सुनने पहुंच रहे हैं। 11 फरवरी तक चलेगा कार्यक्रम ग्रामवासियों के सहयोग से यह आयोजन 11 फरवरी तक चलेगा। कथा प्रवचन में रश्मि शास्त्री झांसी, मध्यप्रदेश और आर्य त्रिपाठी बटूराकछार भी प्रवक्ता के रूप में सहभागिता निभा रहे हैं। श्री रुद्र महायज्ञ को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का माध्यम बन गया है। रोजाना भक्तों की भीड़ जुट रही है।


