गुना जिले के बागेरी में खाद वितरण केंद्र पर आदिवासी किसान भुरियाबाई की मौत के मामले में पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने राज्य सरकार और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तीखा हमला बोला है। जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि सिंधिया विपक्ष में नहीं रह सकते और जहाँ सत्ता होती है, वहाँ भागते हैं। उन्होंने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन को पता है कि हजारों लोग लाइन में लग रहे हैं, फिर भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। जयवर्धन सिंह ने केंद्रीय मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि सिंधिया दिल्ली में रहते हैं और तीन महीने में एक बार आते हैं। उन्होंने कहा, “अगर सरकार की लापरवाही से किसी परिवार का नुकसान होता है, तो विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह पीड़ितों के मुद्दे को उठाए।” ‘जनता के बीच रहकर दर्द समझें’
उन्होंने सिंधिया को सलाह दी कि उन्हें और दौरे करने चाहिए, जनता के बीच रहना चाहिए, पीड़ित परिवारों से मिलना चाहिए और उनके दर्द को समझना चाहिए। 10-12 घंटे इंतजार, न पानी न बैठने की जगह
जयवर्धन ने बागेरी की घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि जब यह संज्ञान में है कि प्रतिदिन हजारों लोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक केंद्रों पर जमा हो रहे हैं, तो उनके लिए न पानी की व्यवस्था है और न ही बैठने की। ऐसे में यह घटना होना ही थी। उन्होंने पूछा कि आखिर आदिवासी महिला को खाद के लिए 10-12 घंटों का इंतजार क्यों करना पड़ा और महिलाओं-दिव्यांगों के लिए अलग लाइन क्यों नहीं थी? मक्का खरीदी: किसान को 1000 रुपए क्विंटल का घाटा
जयवर्धन सिंह ने दावा किया कि गुना जिले में इस बार 90 प्रतिशत मक्का की फसल हुई है। इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2400 रुपए है, लेकिन बाजार में यह 1200 से 1700 रुपए के बीच बिक रहा है। इससे किसान को लगभग 1000 रुपए प्रति क्विंटल का घाटा हो रहा है। ‘राज्य सरकार ने केंद्र को भेजी ही नहीं डिमांड’
उन्होंने बताया कि बमौरी विधायक ऋषि अग्रवाल ने मक्का खरीदी के लिए पत्र लिखा था, तो उन्हें केंद्र सरकार से जवाब मिला कि मध्य प्रदेश सरकार ने खरीदी की डिमांड तक नहीं भेजी है। जयवर्धन ने भाजपा सरकार पर किसान को निचोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले डीएपी और अब यूरिया के लिए किसान पूरे प्रदेश में परेशान हो रहा है। पीड़ित परिवार को मिले सहायता
पूर्व मंत्री ने सरकार से अपील की है कि भुरियाबाई के परिवार को अधिक से अधिक सहायता दी जाए। उन्होंने इस घटना को सरकार की लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।


