भास्कर न्यूज | प्रतापपुर प्रतापपुर इलाके में एक कोडाकू आदिवासी मरीज को उसके परिजन 25 किमी पैदल चलकर अस्पताल लाए थे, लेकिन अगले ही दिन वह स्वास्थ्य केंद्र से अचानक गायब हो गया। इस घटना ने पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 9 बजे मरीज के परिजन उसे बिना किसी सूचना के अस्पताल से ले गए। परिजन ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में मरीज को न तो उचित इलाज मिल रहा था और न ही ठीक से देखभाल की जा रही थी। मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर सरकारी अस्पतालों में ही गरीबों को सही इलाज न मिले तो वे कहां जाएं? एसडीएम ललिता भगत ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर वह खुद मरीज का हाल जानने गई थीं, लेकिन वहां पता चला कि परिजन उसे बिना बताए ले जा चुके हैं। एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए इसे घोर लापरवाही बताया। सीएमएचओ कपिल पैकरा ने भी इसे गंभीर मामला माना है।


