झांसी में रेपिस्ट को 20 साल की जेल:दोषी को बचाने के लिए प्रिंसिपल ने झूठ बोला, कोर्ट का BSA को आदेश- कार्रवाई करें

झांसी में 9 साल की मासूम बच्ची से रेप करने वाले 52 साल के राधेलाल उर्फ राधे पुराेहित को कोर्ट ने 20 साल के कठाेर कारावास की सजा सुनाई है। इस केस में दोषी को बचाने के लिए सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने कोर्ट में फर्जी साक्ष्य पेश किए थे। कोर्ट ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बीएसए को आदेश दिया है। दोषी राधे पुरोहित पर 55 हजार रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया गया। ये पूरी रकम पीड़िता को दी जाएगा। अगर अर्थदण्ड अदा नहीं करता तो दो साल की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह महत्वपूर्ण फैसला सोमवार को पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने सुनाया है। बेर खिलाने के बहाने खेत में ले गया था पीड़िता की मां ने सकरार थाने में 27 फरवरी 2023 को तहरीर दी थी। जिसमें बताया था 14 फरवरी 2023 को मेरी 9 साल की बेटी स्कूल से पैदल घर आ रही थी। जब वह हरी के खेत के पास पहुंची तो कनौरा गांव निवासी राधे पुरोहित पुत्र भुन्नी पुरोहित ने रोक लिया। फिर बेर खिलाने के बहाने वह खेत में ले गया और बेटी के साथ रेप किया। किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बेटी ने घर जाकर मां को पूरी घटना बताई थी। इसके बाद वो थाने पहुंची थी। पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाद में उसके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। रविवार को भी एब्सेंट लगाए थे प्रिंसिपल विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आरोपी राधे पुरोहित को बेगुहानी साबित करने का मौका दिया। तब डिफेंस एविडेंस के दौरान उसने कनौरा गांव के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज नगरिया को पेश किया। वे उपस्थिति पंजिका लेकर आए और कहा कि घटना वाले दिन पीड़िता स्कूल में अनुपस्थित थी। वे रविवार को भी पीड़िता की अनुपस्थिति लगाए थे तो पकड़े गए। कोर्ट ने आरोपी राधे पुरोहित को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि “प्रधानाध्यापक मनोज नगरिया द्वारा अनियमित एवं मनमाने ढंग से फरवरी 2023 कक्षा 3 की उपस्थिति पंजिका तैयार की गई। उनके खिलाफ विभागीय जांच एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी निर्णय की प्रति भेजा जाए। बीएसए को एक माह के अंदर कार्रवाई से कोर्ट को अवगत कराना होगा।

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