झुंझुनूं की मेहाडा थाना पुलिस ने सम्मोहन और तंत्र-विद्या का डर दिखाकर एक परिवार से 10 लाख रुपये से अधिक की ठगी करने वाले शातिर पाखंडी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने खुद को बंगाली महाराज बताकर परिवार को अनिष्ट का भय दिखाया और लाखों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने आरोपी को मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से धर दबोचा है। 5 राज्यों में खाक छानने के बाद मंदिर से दबोचा मेहाडा थानाधिकारी राममनोहर के नेतृत्व में टीम ने हरियाणा राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के पिपराही गांव स्थित एक बालाजी मंदिर में ट्रेस की, जहां से उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। बर्तन बेचने के बहाने घुसा, फिर फैलाया तंत्र-मंत्र का मायाजाल 28 अक्टूबर 2025 को सिहोड निवासी पीड़ित राजेश सोनी ने मेहाडा थाने में मामला दर्ज कराया। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी शिवकांत शर्मा (43) मूल रूप से हरियाणा का निवासी है। पहले बर्तन बेचने के बहाने पीड़ित के घर पहुंचा। वहां उसने राजेश के बड़े भाई पर ऊपरी साया होने का दावा किया।आरोपी ने अपनी जालसाजी को पुख्ता करने के लिए खुद को भी पीड़ित बताया और कहा कि वह एक बंगाली महाराज की मदद से ठीक हुआ है। इसके बाद वह खुद ही वेश बदलकर महाराज बनकर घर आया और तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर पैसे वसूलने शुरू कर दिए।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने न केवल डर दिखाया बल्कि सम्मोहन और वशीकरण के जरिए पूरे परिवार को अपने प्रभाव में ले लिया था। अनिष्ट होने की आशंका से डरे हुए परिवार ने अपनी जमापूंजी और अन्य स्रोतों से जुटाए 10,10,840 रुपये किस्तों में आरोपी को सौंप दिए। जब तक परिवार को ठगी का अहसास हुआ, आरोपी फरार हो चुका था।


