झाबुआ-रतलाम मार्ग पर स्थित खवासा गांव में नाली निर्माण कार्य में तकनीकी खामी सामने आई है। यहां नाली के बीचों-बीच नहर का एक पाइप इतनी ऊंचाई पर स्थापित किया गया है, जिससे जल निकासी बाधित होने की आशंका है। इस स्थिति के कारण नाली का पानी आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर जमा हो सकता है। इससे जलभराव की समस्या उत्पन्न होने का खतरा है। खवासा के उप सरपंच मनोहर बारिया ने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी चूक पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे जनता के पैसे की बर्बादी करार दिया है। क्षेत्रवासियों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पाइप ऊंचा होने के कारण नाली का गंदा पानी सड़कों पर फैल सकता है, जिससे जलभराव, मच्छरों का प्रकोप और गंदगी बढ़ सकती है। स्थानीय ग्रामीणों ने करोड़ों रुपए के इस प्रोजेक्ट की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि यदि पहली बारिश में ही यह मार्ग जलमग्न हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। निर्माण कार्य अभी चल रहा है इस संबंध में सरपंच शंकर खराड़ी ने बताया कि कार्य अभी जारी है और ग्रामीणों की देखरेख भी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि सुधार की आवश्यकता हुई, तो उसे करवाया जाएगा। वहीं, कार्य कर रहे ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।


