झाबुआ जिले के शिवकुंड धाम में रविवार को माता शबरी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर “चले राम शबरी धाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें माता शबरी का विशेष पूजन, चुनरी अर्पण और महाआरती की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान भोलेनाथ और संत श्री 1008 श्यामाचरण दास जी महाराज के पूजन से हुआ। संस्कृत प्रचारक मोहन डामर और जिला पंचायत उपाध्यक्ष अकमालसिंह डामोर ने माता शबरी को चुनरी अर्पित की। श्रद्धालुओं ने माता शबरी को बेर का भोग लगाया और महाप्रसादी का वितरण किया गया। पूरा धाम श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। मान्यता है कि शिवकुंड धाम में माता शबरी का एकमात्र मंदिर है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के तहत हनुमान प्रांगण में संत श्री लोकेश नाथ जी महाराज के सानिध्य में सुंदरकांड का पाठ भी किया गया। यह सुंदरकांड पाठ इंदौर के सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर द्वारा आयोजित 108 सुंदरकांड संकल्प श्रृंखला का तीसरा हिस्सा था। इस अवसर पर ढोल-धमाकों के साथ श्री राम दरबार की जीवंत झांकी निकाली गई, जो आकर्षण का केंद्र रही। मांगीलाल वाखला और राजेंद्र सिंह चौहान के सहयोग से ग्राम पांचपिपला से निकली इस झांकी में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों ने माता शबरी के दर्शन किए। क्षेत्रीय सांसद अनिता नागरसिंह चौहान ने भी शिवकुंड धाम पहुंचकर माता शबरी और भगवान शिव के दर्शन किए। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सांसद को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने पानी की टंकी, सीसी रोड निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण और बोरवेल जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इस आयोजन में मंडल अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़, जनपद सदस्य कालुसिंह दरबार, अभय जैन और सरपंच भागुसिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित थे। शबरी जयंती की अन्य तस्वीरें…


