झाबुआ शहर में दिन के समय ट्रकों और अन्य भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह निर्णय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नेहा मीना के अनुमोदन पर अपर कलेक्टर एवं अपर जिला दण्डाधिकारी चंदरसिंह सोलंकी ने लिया है। यह प्रतिबंध 1 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह कदम मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, यातायात को सुगम बनाने और शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह द्वारा दिए गए पत्र में बताया गया है कि जनवरी 2025 से अब तक झाबुआ शहरी क्षेत्र में लगभग 49 वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। भारी वाहनों के कारण शहर में अक्सर यातायात जाम की स्थिति बनती थी, जिससे आम जनता और स्कूली बच्चों की जान को खतरा रहता था। शहर में प्रवेश के पाँच प्रमुख स्थानों पर भारी वाहनों की ‘नो एंट्री’ रहेगी। इनमें भोयरा रोड (कुंदनपुर व पिटोल से आने वाले वाहन), करड़ावद हनुमान मंदिर (गुजरात दाहोद, पिटोल, थान्दला व मेघनगर मार्ग से आने वाले वाहन), रंगपुरा अंडर ब्रिज हाईवे (कल्याणपुरा, रायपुरिया, पेटलावद, रतलाम, बदनावर, पारा व बोरी से आने वाले वाहन), पारा फाटा झाबुआ (कालीदेवी, सरदारपुर, धार, इंदौर, पारा व बोरी से आने वाले वाहन) और राणापुर रोड (राणापुर, जोबट, आलीराजपुर, बड़वानी व छोटा उदयपुर से आने वाले वाहन) शामिल हैं। यह प्रतिबंध केवल भारी मालवाहक वाहनों (ट्रकों) पर लागू होगा। हल्के वाहन जैसे कार/जीप (अधिकतम गति 40 कि.मी. प्रति घंटा) और दोपहिया वाहन पूर्ववत आवागमन कर सकेंगे। आपातकालीन वाहनों को प्रतिबंधित समय में भी शहरी क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति होगी, लेकिन उनकी गति सीमा अधिकतम 20 कि.मी. प्रति घंटा रहेगी। किसी विशेष परिस्थिति में अपर जिला मजिस्ट्रेट झाबुआ की अनुमति से किसी भारी वाहन को शहर में प्रवेश मिल सकेगा।


