राजगढ़ जिले में मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान अंतिम चरण में है। प्रशासन की निगरानी और फील्ड टीमों के कार्य से यह अभियान लोकतांत्रिक सुधार का प्रभावी मॉडल बन गया है। जिले में अब तक 98.94 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसमें खिलचीपुर विधानसभा ने 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन और डिजिटलीकरण पूरा कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। एसआईआर अभियान ने मतदाता सूची को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा है। बीएलओ ने घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता की उपस्थिति, पता, उम्र और पात्रता का सत्यापन किया। इसके बाद सभी सूचनाओं का तत्काल डिजिटलीकरण किया गया, जिससे मतदाता सूची आधुनिक और अधिक विश्वसनीय बनी है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, यह पहल फर्जी प्रविष्टियों को रोकने, नए मतदाताओं को जोड़ने और मतदान प्रतिशत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिले के नरसिंहगढ़, ब्यावरा, राजगढ़ और सारंगपुर विधानसभा क्षेत्रों ने भी एसआईआर का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है। हालांकि, खिलचीपुर की उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यहां प्रत्येक मतदाता का रिकॉर्ड समय पर और शत-प्रतिशत डिजिटल रूप में अपलोड किया गया है, जो इसे जिले के लिए एक मॉडल क्षेत्र बनाता है। इस अभियान में बीएलओ के प्रयासों को प्रशासन ने भी सराहा। मतदान केंद्र क्रमांक 138 के बीएलओ नरेंद्र चक्रवर्ती और मतदान केंद्र क्रमांक 149 के बीएलओ अर्जुन गिरी गोस्वामी को एसआईआर का कार्य समय से पहले और सटीक रूप से पूरा करने पर सम्मानित किया गया। स्थानीय निवासियों ने भी उनके योगदान की प्रशंसा की। एसआईआर अभियान ने यह दर्शाया है कि प्रशासनिक तंत्र और जनता के संयुक्त प्रयासों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं मजबूत होती हैं। मतदाता सूची का यह व्यापक सत्यापन जिले के आगामी चुनावों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता की नई नींव रखेगा।


