झाबुआ में सात दिवसीय शिवशक्ति महायज्ञ पूरा:यजमानों ने आहुतियां दीं, रुद्राभिषेक किया; लोगों ने भंडारे में लिया प्रसाद

झाबुआ जिले के बनी ग्राम स्थित प्रसिद्ध श्रीकृष्ण कामधेनु गौशाला में चल रहे सात दिवसीय शिवशक्ति महायज्ञ का रविवार को समापन हुआ। 19 जनवरी से शुरू हुए इस धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति मंदसौर के हरिहर आश्रम के पीठाधीश्वर यज्ञाचार्य देवेंद्र शास्त्री के सानिध्य में संपन्न हुई। इस दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए विशेष आहुतियां दी गईं। विद्वान पंडितों की टोली ने पूरे सात दिनों तक वैदिक रीति-रिवाज से पूजन संपन्न कराया। मुख्य यजमानों ने सपत्नीक यज्ञ में आहुतियां दीं, जबकि 11 बटुक ब्राह्मणों की देखरेख में लक्ष्मी होम और रुद्राभिषेक जैसे अनुष्ठान किए गए। यज्ञाचार्य देवेंद्र शास्त्री ने यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सेवा और परमार्थ के भाव जागृत होते हैं। सामूहिक विवाह और भंडारा रहा मुख्य आकर्षण महायज्ञ के समापन के साथ ही यहां निःशुल्क सामूहिक विवाह का भी सफल आयोजन किया गया, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। अंतिम दिन महाआरती के बाद भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें आसपास के सैकड़ों ग्रामीणों ने पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की। भक्तों ने गुरुदेव का सम्मान किया और भक्ति भाव से कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ग्रामीण क्षेत्र में जगाई भक्ति की अलख इस आयोजन में पूर्व विधायक वालसिंह मेड़ा और सेवाभारती के जिलाध्यक्ष हरिओम पाटीदार सहित कई लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। आयोजकों और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से इस पूरे महायज्ञ ने क्षेत्र में भक्ति, सेवा और एकता का नया संदेश दिया है।

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