झाबुआ जिला प्रशासन और पुलिस विभाग नए साल की तैयारियों के बीच मुस्तैद हो गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह के निर्देश पर नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। कलेक्टर नेहा मीना की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें प्रमुख कस्बों में हेलमेट की अनिवार्यता शामिल है। सोमवार रात झाबुआ के प्रमुख चौराहों पर यातायात सूबेदार कमल मिंदल के नेतृत्व में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान तीन सवारी बैठाने वाले और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई। पेटलावद में टीआई निर्भयसिंह भूरिया ने श्रद्धांजलि चौक समेत कई स्थानों पर अभियान का नेतृत्व किया। कलेक्टर की बैठक में सामने आए दुर्घटना के आंकड़े कलेक्टर नेहा मीना ने बैठक में पिछले तीन वर्षों के सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा की। साझा की गई जानकारी के अनुसार, मौजूदा वर्ष में अब तक 1003 दुर्घटनाओं में 214 लोगों की मौत हुई और 1289 व्यक्ति घायल हुए हैं। इनमें दुपहिया वाहन दुर्घटनाओं के 620 मामले शामिल हैं। कुल 23,462 चालान काटे गए और परिवहन विभाग ने 38 ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए। ब्लैक स्पॉट चिन्हित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने वर्ष 2025 के लिए दो नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। इनमें ग्राम बोरवा गट्टू घाटी (कुशलगढ़ मार्ग) और छापरी फाटा (थाना कालीदेवी) शामिल हैं। इन दोनों स्थानों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसके तहत, 1 जनवरी 2026 से झाबुआ शहर और अन्य प्रमुख नगरीय क्षेत्रों में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। कलेक्टर ने एक नई पहल करते हुए स्कूली छात्र-छात्राओं को ‘ट्रैफिक मित्र’ के रूप में जोड़ने के निर्देश दिए हैं। ये छात्र यातायात जागरूकता अभियानों में प्रशासन का सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त, शहर के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए स्थलों का चयन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर सीएस सोलंकी, एसडीओपी झाबुआ रूपरेखा यादव और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


