झाबुआ जिले के रानापुर नगर में मुख्य मार्ग, सुभाष मार्ग (कुम्हार मोहल्ला) का निर्माण कार्य पांच साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। इससे स्थानीय निवासियों और वार्ड पार्षदों में नगर परिषद के प्रति गहरा असंतोष है। यह मार्ग वार्ड 6 और 7 के बीच स्थित है। पूर्व परिषद द्वारा इस मार्ग के निर्माण को स्वीकृति दी गई थी और टेंडर भी पास हो गए थे, लेकिन काम शुरू नहीं हो सका। इसके बाद, निर्विरोध बनी भाजपा की नई परिषद से जनता को जल्द निर्माण की उम्मीद थी। हालांकि, तीन साल बीत जाने के बाद भी सड़क की स्थिति जस की तस है। नगर परिषद में अध्यक्ष और वार्ड 6 व 7 के पार्षद, तीनों एक ही पार्टी (भाजपा) से संबंधित हैं। इसके बावजूद कार्य में हो रही देरी से मतदाता स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। रहवासियों ने कई बार की शिकायत स्थानीय निवासी विवेक भोलू जैन (वार्ड 6) ने बताया कि टेंडर पास होने के बावजूद परिषद काम नहीं कर रही है। उनके अनुसार, अध्यक्ष और उनके पिता द्वारा बार-बार “नवरात्र के बाद” या “दिवाली के बाद” जैसे टाल-मटोल वाले जवाब दिए गए। सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत भी बेअसर रही है। प्रिंस सालेचा ने जर्जर सड़क से उड़ती धूल और गड्ढों में भरे पानी से हो रही श्वास संबंधी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। हरीश प्रजापत ने भी पांच साल से निर्माण शुरू न होने और धूल के कारण दमा के मरीजों की संख्या बढ़ने का उल्लेख किया। तीन साल से कर रहे प्रयास वार्ड 7 के पार्षद रौनक सोनी ने जानकारी दी कि वह पिछले तीन साल से इस मुद्दे पर प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, परिषद की हर बैठक में केवल चर्चा होती है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होता। वार्ड 6 के पार्षद कन्हैयालाल प्रजापत ने भी बताया कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों से अध्यक्ष और सीएमओ को बार-बार अवगत कराया है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। ठेकेदार को जारी कर चुके हैं नोटिस इस मामले में नगर परिषद सीएमओ लक्ष्मीकांत शर्मा ने देरी का कारण स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि जिस ठेकेदार को कार्य का ठेका दिया गया था और नोटिस भी जारी किया गया था, वह काम शुरू नहीं कर रहा है। नए टेंडर जारी करेंगे सीएमओ शर्मा ने आश्वासन दिया कि ठेकेदार का टेंडर जल्द ही निरस्त कर दिया जाएगा और नए टेंडर जारी किए जाएंगे। इस प्रक्रिया में लगभग दो माह का समय लग सकता है।


