झामुमो के वरिष्ठ नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि उनकी पार्टी केंद्र सरकार के उस निर्णय के साथ हैं, जिसमें आतंकवाद का संपूर्ण विनाश करने के लिए वह कदम उठाना चाहती है। यदि इस घटना के लिए भारत सरकार पाकिस्तान पर किसी भी प्रकार के कड़े कदम उठाती है, तो झामुमो सहयोग करेगा। केंद्र सरकार आतंकवाद और पड़ोसी मुल्क के रवैये को खत्म करने के लिए जो भी निर्णय लेगी, पार्टी उसका समर्थन करेगी। पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने केंद्र से आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने पुलवामा और पहलगाम की घटनाओं पर सवाल उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है।
कहा है कि देश के गद्दारों को ढूंढ कर सफाया करना चाहिए। गुरुवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने ये बातें कही। कहा कि भारत एक बड़ा देश है और सुरक्षा पर बड़ा बजट खर्च होता है। सिर्फ पानी रोकने से कुछ नहीं होगा, आतंकवाद को रोकना होगा। पहलगाम में जो घटना हुई है, वह संयोग नहीं, बल्कि एक प्रयोग है। कहा कि कश्मीर में पीक सीजन में सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी? कहा कि 3 मई से पहलगाम में अमरनाथ यात्रा का बेस कैंप होगा। वहां हजारों लोग वादियों का आनंद लेने आ रहे हैं, लेकिन सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। झारखंड में भी पश्चिम बंगाल वाले हालात संभव अजय साह ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह हाफिजुल हसन और इरफान अंसारी जैसे नेताओं को खुली छूट देकर चरमपंथ को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो झारखंड भी जल्द ही पश्चिम बंगाल जैसे हालात की ओर बढ़ सकता है। गृह मंत्री सुरक्षा का मुआयना करते हैं, घटना हो जाती है सुप्रियो ने कहा कि केवल बोलने से कुछ नहीं होगा, जिम्मेदारी तय करनी होगी। गृह मंत्री की जिम्मेदारी है, जो सुरक्षा का मुआयना करते हैं और फिर घटना हो जाती है। यह चुनौती केवल जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है। देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। झामुमो केंद्र सरकार के हर उस निर्णय के साथ जिसमें आतंकवाद का विनाश हो : सुप्रियो
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की प्रेस वार्ता पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। अजय साह ने आरोप लगाया कि झामुमो के प्रेस कांफ्रेस में हिंदू समाज के समर्थन में कोई स्पष्ट संदेश नहीं दिया गया, बल्कि मुस्लिम तुष्टिकरण की झलक एक बार फिर साफ तौर पर नजर आई। साह ने कहा,हमें उम्मीद थी कि झामुमो इस बार आतंकवाद और हाल की घटनाओं पर एक संतुलित और जिम्मेदार रुख अपनाएगा। लेकिन प्रेस वार्ता में जो बातें सामने आईं, वो पाकिस्तान की लिखी हुई स्क्रिप्ट जैसी लगीं। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो एक ऐसी पार्टी बन गई है, जो पूरी तरह मुस्लिम वोट बैंक पर निर्भर है, और इसी वजह से वह कभी भी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ खुलकर बोलने से बचती है। साह ने उदाहरण देते हुए कहा कि झामुमो प्रवक्ता ने न तो पकड़े गए बोकारो के जिहादी पर कोई प्रतिक्रिया दी, न ही पाकिस्तान के जनरल द्वारा दिए गए विवादास्पद बयानों की निंदा की। इसके विपरीत, केंद्र सरकार को आतंकवादी घटनाओं का जिम्मेदार ठहराना, यह दर्शाता है कि झामुमो कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश कर रही है। अजय ने कहा कि आतंकी हमले में मारे गए मनीष रंजन के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने के लिए सरकार की ओर से न तो कोई मंत्री आया और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी।


