झारखंड की बच्ची से रेप-हत्या मामले में दोषी को फांसी:100 दिन में गुजरात में कोर्ट ने पूरी की सुनवाई,23 दिसंबर को हुई थी पीड़िता की मौत

गुजरात के भरूच जिले में झारखंड की 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में अंकलेश्वर सत्र न्यायालय ने विजय पासवान को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या मामले दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मात्र 100 दिनों में सुनवाई पूरी की। दोषी पलामू निवासी विजय पासवान भरूच में पीड़िता के पड़ोस में रहता था। वह पीड़िता के पिता के साथ एक ही कारखाने में काम करता था। दोनों परिवारों की 10 वर्षों से जान-पहचान थी। घटना जांगिया जीआईडीसी इलाके में हुई थी। विजय ने घर के पास खेल रही बच्ची का अपहरण किया। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और लोहे के रॉड से उसके शरीर पर 30 घाव किए। इलाज के 8वें दिन बच्ची ने दम तोड़ दिया था। रविवार को गुजरात पुलिस ने फोन कर पीड़िता के परिवार को फैसले की जानकारी दी। पीड़िता के परिवार और गांव के लोगों ने फैसले पर संतोष व्यक्त किया है। पूरा मामला जानिए 16 दिसंबर 2024 को लड़की अपने घर के पास खेल रही थी। उसी समय विजय वहां आया और उसे अगवा करके अपने साथ झाड़ियों में ले गया। बच्ची को उसने हवस का शिकार बनाया और लड़की की प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दिया। इससे उसे गंभीर आंतरिक चोटें आई थी। उसे वड़ोदरा के एसएसजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया था- बच्ची के पेट व मुंह पर गंभीर जख्म है। स्थिति नाजुक है। हम अपने करियर में ऐसा केस नहीं देखा था। पीड़ित बच्ची बार-बार कह रही थी कि पड़ोस में रहने वाले विजय ने पहले उसे पत्थर मारा, चाकू मारा, फिर गलत काम किया। पीड़िता के माता-पिता मजदूर करती हैं। वो लोग भी पलामू के पांकी के रहने वाले हैं। इधर, हैवानियत की घटना सामने आने के बाद CM हेमंत सोरेन के निर्देश पर ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भरूच पहुंची थी और पीड़ित बच्ची और उसके परिवार से मुलाकात की थी। झारखंड सरकार ने लड़की के परिवार को चार लाख की सहायता राशि दी थी। 3 घंटे में पीड़िता को दो बार कार्डियक अरेस्ट हुआ था बच्ची को 16 दिसंबर को वडोदरा के एसएसजी अस्पताल में रेफर किया गया था। इंटरनल पार्ट्स में गंभीर चोट लगी थी। उसकी तीन सर्जरी भी की गई थी। 23 दिसंबर को इलाज के दौरान 3 घंटे में पीड़िता को दो बार कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई। पिता ने कहा था- आरोपी से 10 साल से थी पहचान नाबालिग पीड़िता के पिता ने बताया था- बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले से 10 वर्षों से जान पहचान है। दोनों गुजरात में एक साथ सरिया सेटिंग का काम करते हैं। छह माह पहले ही उसने अपनी पत्नी और बेटी को गांव से गुजरात बुलाया था। यहां आने के बाद उसकी पत्नी भी मजदूरी करने लगी थी। घर पर बेटी अकेले थी। सोमवार देर शाम जब पत्नी लौटी तो बेटी को घर में नहीं पाया। खोजने पर बेटी झाड़ी में मिली। उसने बताया कि उसके साथ गलत काम किया गया है। विजय ने एक महीने पहले भी बच्ची के साथ रेप किया था। बच्ची विजय पासवान को डीवीडी बुड्ढा कह कर बुलाती थी। —————————– ये भी खबर पढ़िए झारखंड की बेटी का पलामू लाया गया शव:गुजरात में रेप के बाद हुई थी मौत, महिलाएं बोलीं-आरोपी को चौराहे पर फांसी देना चाहिए झारखंड की बेटी का बुधवार की शाम शव पलामू लाया गया। गुजरात में रेप के बाद उसकी इलाज के दौरान 23 दिसंबर को मौत हो गई थी। पांकी की रहने वाली नाबालिग लड़की के साथ पलामू विश्रामपुर के रहने वाले युवक ने 16 दिसंबर को भरूच में रेप किया था। आरोपी ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी थी। आरोपी पुलिस गिरफ्त में है। पढ़िए पूरी खबर…

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