झारखंड की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। सैफ अंडर-19 महिला फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए घोषित 23 सदस्यीय भारतीय टीम में राज्य की 6 खिलाड़ियों का चयन हुआ है। यह प्रतियोगिता 31 जनवरी से 7 फरवरी तक नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित होगी। भारतीय टीम नेपाल के लिए रवाना हो चुकी है। चयनित खिलाड़ियों में सबसे अधिक संख्या गुमला जिले की है। झारखंड सरकार के खेल विभाग द्वारा संचालित आवासीय बालिका फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र से चार खिलाड़ियों का चयन हुआ है। इनमें एलिजाबेथ लकड़ा, अनीता डुंगडुंग, सूरज मुनि कुमारी और विनीता होरो शामिल हैं। इसके अलावा हजारीबाग आवासीय प्रशिक्षण केंद्र से अनुष्का कुमारी और रांची के स्टार वॉरियर्स क्लब से दिव्यानी लिंडा ने भारतीय टीम में जगह बनाई है। गांव का नाम रोशन किया सूरजमुनि के पिता महावीर उरांव ने कहा कि बेटी को शुरू से खेल में रुचि के अनुसार आगे बढ़ने दिया। अब बेटी ने गांव ही नहीं, राज्य का नाम भी रोशन किया है। गांव से यहां तक पहुंची, गर्व है एलिजाबेथ के पिता जेवियर लकड़ा ने बताया कि वे खेती पर निर्भर हैं। गांव के मैदान से भारतीय टीम तक पहुंचना पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। हमारे लिए सपने जैसा… अनीता के पिता जेठू पुजार ने बताया कि बेटी का देश के लिए खेलना उनके लिए सपने जैसा है। गांव से बाहर कदम न रखने वाली बेटी विदेश जा रही है। मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने दी बधाई बेटियों की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और खेल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान बढ़ा रही हैं, यह गर्व की बात है। 4 देशों के खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 31 जनवरी को मेजबान नेपाल के खिलाफ करेगी। चैंपियनशिप में भारत, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा ले रही हैं। सीमित संसाधनों में बनाई पहचान: विनीता होरो के पिता काला होरो ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी ने मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। यह पूरे सिमडेगा के लिए गर्व का पल है।
बड़ी उपलब्धि… किसान परिवारों की बेटियां पहनेंगी नेशनल टीम की जर्सी


