सहारा समूह द्वारा निवेशकों के साथ की गई धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा मामले में जांच कर रहे अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने कुल 10 प्राथमिकियां दर्ज कर ली हैं। इस साल जून और जुलाई महीने में सीआईडी ने चार नई प्राथमिकियां दर्ज की हैं। वहीं, इन 10 मामलों में सीआईडी ने 100 से अधिक को आरोपी बनाए हैं। सीआईडी को अबतक के अनुसंधान में यह जानकारी मिली है कि सहारा मामले में झारखंड के निवेशकों का कुल डिपॉजिट और मैच्योरिटी अमाउंट करीब 32 हजार करोड़ रुपए है। जिसे सहारा समूह को इन निवेशकों को लौटाना है। सीआईडी ने इस संबंध में सहारा से जानकारी मांगी थी कि झारखंड के कितने निवेशकों का डिपाजिट अमाउंट विथ मैच्योरिटी है। इसके बाद सहारा की ओर से यह डाटा सीआईडी को उपलब्ध कराया गया है। सीआईडी को जांच में यह भी जानकारी मिली है कि सहारा समूह के कुछ कर्मियों द्वारा फर्जी कंपनियों और फर्जी व्यक्तियों को अधिकृत कर अचल संपत्तियों को कम दामों पर बेचा गया। प्रारंभिक जांच में सीआईडी ने पाया है कि बोकारो, धनबाद, बेगूसराय और पटना में अचल संपत्तियों को सेबी द्वारा निर्धारित मूल्य से काफी कम दामों पर बेचा गया। बिक्री के बाद, इनसे अर्जित धन भी सेबी के पास जमा नहीं किया गया। सीआईडी ने 4 पुराने मामलों को टेकओवर किया, छह नई प्राथमिकियां भी दर्ज कीं सहारा मामले में सीआईडी ने चार प्राथमिकियों को टेकओवर किया है। वहीं 6 नई प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। जिन प्राथमिकियों को टेकओवर किया गया है, उनमें बोकारो के जरीडीह थाना में 15 सितंबर 2022 को दर्ज केस संख्या 182/22, देवघर के जसीडीह थाना में 16 सितंबर 2022 को दर्ज कांड संख्या 352/22, कोडरमा के तिलैया थाना में 10 फरवरी 2024 को दर्ज कांड संख्या 228/24 और बोकारो के सेक्टर 4 थाना में दर्ज कांड संख्या 128/23 शामिल हैं। इसके अलावा सीआईडी थाने में जो अन्य 6 फ्रेश प्राथमिकियां दर्ज हुई हैं, वे अनुसंधान के बाद दर्ज की गई हैं। इनमें 30 नवंबर 2024 को दर्ज कांड संख्या 51/24, आठ जनवरी 2025 को दर्ज कांड संख्या 3/25, 20 जून को दर्ज कांड संख्या 16/25 व 17/25, 23 जून को दर्ज कांड संख्या 19/25 और 11 जुलाई 2025 को दर्ज कांड संख्या 22/25 शामिल हैं। झारखंड की जनता को लूटने वाले जाएंगे जेल : डीजीपी डीजीपी अनुराग गुप्ता ने इस मामले में कहा है कि 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को निर्देश दिया था कि उनकी जो भी संपत्तियां हैं, उन्हें बेचा नहीं जाएगा। लेकिन सहारा के कुछ कर्मचारियों ने इस आदेश की अवहेलना की। गुपचुप तरीके से उन जमीनों को बेच दिया गया। ऐसे लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इस पूरे मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। झारखंड की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई जिन लोगों ने भी लूटी है, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी। अनुसंधान के बाद अबतक इन्हें बनाया गया है आरोपी… सीआईडी ने अबतक जिन्हें आरोपी बनाया है, उनमें सहारा प्रमुख सुब्रत राय (अब मृत), वाइस चेयरमैन स्वप्ना राय, सहारा इंडिया के निदेशक सुशांतो राय, रिचा राय, चांदनी राय, पवन कपूर, सहारा कमर्शियल कॉर्पोरेशन के निदेशक ओम प्रकाश श्रीवास्तव, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, निदेशक बीके श्रीवास्तव, नीरज कुमार पाल, सुंदर झा, अशोक कुमार, धर्मेंद्र ठाकुर, बाला राम प्रसाद, मनोज कुमार मिश्रा, बीरेंद्र नोनिया, रणधीर कुमार जायसवाल, रंजन प्रसाद, अनुज कुमार विश्वकर्मा, योगेश्वर दास, बिनोद कुमार सिंह, भागीरथ प्रसाद महतो, श्याम बाबू राय, संजीव कुमार मालवीय, संजय कुमार सिन्हा, राजेंद्र सिंह, रंजीत कुमार श्रीवास्तव, निर्मल चंद्र पॉल, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, अल्का सिंह, कारूनाथ अवस्थी, विजय कुमार वर्मा, प्रशांत वर्मा, नीरज कुमार पाल, बीके श्रीवास्तव, आकाश सिंह, प्रलय कुमार वर्मा, हरिश चंद्र यादव, अवधेश कुमार श्रीवास्तव, सुनील चंद्र श्रीवास्तव, अंजू लता, संजय कुमार रजक, बच्चू झा, गजेंद्र नाथ शर्मा, राजेंद्र नाथ शर्मा, पूजा श्रीवास्तव, ब्रांच मैनेजर जसीडीह विकास कुमार साह, ब्रांच मैनेजर देवघर टाउन राजेश कुमार सिन्हा, सेक्टर मैनेजर देवघर एनएन साहब, असिस्टेंट मैनेजर देवघर विकास कुमार, रामेश्वर महतो, रंजन कुमार सिंह समेत अन्य शामिल हैं।


