झारखंड सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत कॉलेजों से 11वीं और 12वीं की कक्षाएं हटाकर उच्च विद्यालयों में स्थानांतरित करने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। गिरिडीह में आरके महिला कॉलेज और गिरिडीह कॉलेज की छात्राओं ने जिला शिक्षा कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। छात्राओं ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। छात्रा सलोनी कुमारी ने बताया कि उनकी इंटरमीडिएट की पढ़ाई में सिर्फ 6 महीने बचे हैं। इस समय स्कूल बदलने से नई ड्रेस खरीदनी पड़ेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। छात्रा खुशी कुमारी ने कहा कि 11वीं की परीक्षा का रिजल्ट देर से आया है। अब उन्हें अचानक ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेकर दूसरे स्कूल में एडमिशन लेने को कहा जा रहा है। छात्राएं चाहती हैं कि उन्हें वर्तमान कॉलेज में ही पढ़ाई पूरी करने दी जाए। सरकार से 6 महीने का अतिरिक्त समय देने की मांग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व जिला संयोजक उज्ज्वल तिवारी ने नई शिक्षा नीति का समर्थन किया। हालांकि उन्होंने कहा कि जिन छात्र-छात्राओं की फाइनल परीक्षा 6 महीने में है, उन्हें स्कूल बदलने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से 6 महीने का अतिरिक्त समय देने की मांग की है। आपको बता दें झारखंड सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति को लागू किया गया है, जिसमें सरकार ने आदेश दिया है कि झारखंड के जिन कॉलेज में इंटरमीडिएट की पढ़ाई हो रही है, उन्हें बंद करें और +2 उच्च विद्यालय में ही इंटरमीडिएट की पढ़ाई कराएं।


