झारखंड अब राष्ट्रीय गणित दिवस और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के आयोजन में पीछे नहीं रहेगा। केंद्र सरकार की हिदायत के बाद राज्य सरकार ने इसे बड़े पैमाने पर मनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक अलग योजना बनाई है, जिसे विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्वीकृति दी है। इस योजना पर हर साल 3.21 करोड़ रुपए खर्च होंगे। चयनित शिक्षण संस्थानों को आयोजन के लिए प्रति दिवस अधिकतम एक लाख रुपए की अग्रिम राशि दी जाएगी। अब तक महत्वपूर्ण दिवसों पर कुछ संस्थानों को अनुदान तो मिलता था, लेकिन समर्पित योजना नहीं होने से इसका प्रभाव सीमित रहा। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद ने झारखंड विज्ञान, प्रावैधिकी एवं नवाचार परिषद को साउथ जोन में शामिल किया है। राज्य सरकार का मानना है कि गणित और विज्ञान दिवस के लिए एक समान योजना लागू होने से छात्रों में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे इन विषयों में उच्च शिक्षा व करियर के लिए प्रेरित होंगे। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है राज्य व जिला स्तर पर होंगे आयोजन कौन संस्थान होंगे पात्र आवेदन प्रक्रिया जिलेवार श्रेष्ठ संस्थान चुने जाएंगे। छात्रों और शिक्षकों को मौका गणित दिवस पर कार्यक्रम मेंटल मैथ चैलेंज, गणित क्विज, मॉडल निर्माण प्रतियोगिता, गणित प्रदर्शनी, शिक्षक प्रशिक्षण, जन-जागरूकता अभियान, संगोष्ठी और कार्यशालाएं। विज्ञान दिवस पर कार्यक्रम पोस्टर व विज्ञान प्रयोग वीडियो प्रतियोगिता, विज्ञान क्विज, विज्ञान किट/मॉडल निर्माण, संगोष्ठी, कार्यशालाएं, लोकप्रिय विज्ञान प्रयोगों का प्रदर्शन, शिक्षक प्रशिक्षण और जन-जागरूकता अभियान।


