उत्तर प्रदेश एसटीएफ और झारखंड पुलिस ने संयुक्त अभियान में बड़ी कामयाबी हासिल की है। शनिवार देर रात जमशेदपुर के गोविंदपुर में मुख्तार गैंग के कुख्यात शूटर अनुज कन्नौजिया को एनकाउंटर में मार गिराया गया। पुलिस को मिली जानकारी के बाद टीम ने अनुज के ठिकाने की घेराबंदी की। अपराधी ने घर के अंदर से गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान STF के डीएसपी धर्मेश कुमार शाही घायल हुए हैं। उनके बाएं कंधे पर गोली लगी है। उन्हें जमशेदपुर TMH में भर्ती कराया गया। जवाबी कार्रवाई में दोनों तरफ से करीब 30 राउंड से अधिक फायरिंग हुई, जिसमें अनुज मारा गया। 2.50 लाख रुपए का इनाम था घोषित अनुज कन्नौजिया पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 2.50 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। वह लंबे समय से जमशेदपुर में छिपकर रह रहा था। गाजीपुर, मऊ और अन्य जिलों में उस पर कई संगीन मामले दर्ज थे। पुलिस ने मौके से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। बड़ी वारदात को अंजाम देने वाला था अनुज कनौजिया यूपी एसटीएफ की दो दिन पहले सूचना मिली कि वह जमशेदपुर में छिपा है। किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इसके बाद यूपी एसटीएफ ने झारखंड पुलिस से संपर्क किया। शनिवार रात 10:30 बजे पुलिस ने छोटा गोविंदपुर स्थित अनुज के ठिकाने को घेर लिया। खुद को घिरता देख उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मारा गया। अनुज को उसके साले ने पहना दी थी। वह ऑफिस नुमा कमरे में रहता था। 17 साल की उम्र में घर छोड़ा, पिता सरकारी टीचर थे मऊ से 40 किमी दूर गाजीपुर और आजमगढ़ के बॉर्डर पर चिरैयाकोट कस्बा है। इससे 10 किमी दूर, सड़क से 2 किमी अंदर बहलोलपुर गांव है। अनुज कनौजिया इसी गांव का रहने वाला था। अनुज 17 साल का था, जब घर छोड़कर भागा था। उसके पिता हनुमान कनौजिया सरकारी स्कूल में टीचर थे।


