किशोरावस्था जीवन का स्वर्णिम काल होता है, बच्चे इसका सदुपयोग करें : एसडीओ

भास्कर न्यूज|गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने अपने सभा कक्ष में शनिवार को सरकारी विद्यालय के कक्षा छठवीं से आठवीं के बीच के कक्षाओं के जूनियर छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने न केवल बच्चों को नैतिक शिक्षा और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न विषयों के संदर्भ में बच्चों के बीच अपनी बात रखी बल्कि बच्चों की रुचि के विषयों एवं सामान्य ज्ञान को लेकर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से उनके मानसिक स्तर को जानने का प्रयास किया। सही और त्वरित जवाब देने वाले लगभग 20 से अधिक बच्चों को एसडीओ ने मौके पर पुरस्कृत भी किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे जिस आयु के दौर से गुजर रहे हैं वह जीवन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण समय काल है वे इस कीमती समय का सदुपयोग कर अपने व्यक्तित्व को एक नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था ही वह उम्र है जहा से बच्चे गलत या सही राह पर कदम रखते हैं, उन्होंने कहा कि सभी छात्र-छात्राएं अपने को बुरी संगत से दूर रखें, सोशल मीडिया का यथा संभव परहेज करें, अच्छी आदतें डालें। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे अपने इर्द-गिर्द मौजूद किसी ईमानदार और सफल व्यक्ति को अपना आदर्श मान सकते हैं, ऐसा करने से उन्हें प्रेरणा मिलेगी। इस दौरान एसडीओ ने छात्रों के मानसिक विकास से जुड़े हुए भी कुछ प्रश्न किये। बच्चों की महत्वाकांक्षाओं को भी जानने का प्रयास किया, साथ ही सभी को शुभकामनाएं दीं कि वे जीवन में नेक और सफल इंसान बनें। साथ ही साथ ही उन्होंने कई हिदायतें भी देते हुए भी कहा कि वे बुरे रास्ते पर चलकर या शॉर्टकट अपना कर चकाचौंध वाली जिंदगी जीने वाले लोगों की जीवन शैली से कभी प्रभावित न हों। ये बच्चे उत्क्रमित मध्य विद्यालय मेराल से बैगलैस डे के अवसर पर गढ़वा शहर विजिट के क्रम में अनुमंडल कार्यालय में उपस्थित हुए थे। उल्लेखनीय है कि नई शिक्षा नीति के तहत व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बच्चों को एक्स्पोज़र विजिट पर ले जाया जाता है। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य गंगेश पांडे एवं अन्य शिक्षक भी मौजूद थे। एसडीओ ने सभी शिक्षकों को भी विभिन्न सुझाव एवं निर्देश दिए।

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