झारखंड में सिपाही के 4919 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को विधानसभा में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सिपाही बहाली के लिए वर्ष 2023 में विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। बाद में नियमावली की जटिलताओं की वजह से बहाली प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। जटिलताओं का सरलीकरण हो गया है। नई नियमावली बनी है। इसके तहत जल्द ही फिर से सिपाही भर्ती की परीक्षा ली जाएगी। विधायक ममता देवी के ध्यानाकर्षण का जवाब देते हुए मंत्री प्रसाद ने कहा कि सिपाही भर्ती नियमावली में संशोधन के लिए समिति बनी थी। इसमें संशोधन कर लिया गया है। दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी। इस कारण बहाली प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। लेकिन, अब जल्द इसे शुरू किया जाएगा। 19.5 लाख अभ्यर्थियों ने दिया था आवेदन विधायक ममता देवी ने शुक्रवार को सदन में यह मामला उठाते हुए कहा था कि सिपाही के 4919 पदों पर बहाली के लिए आवेदन मंगाए गए थे। 22 जनवरी से 21 फरवरी 2024 तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसमें 19.5 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया था। लेकिन, अबतक लिखित या शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं हुई है। भर्ती को बीच में स्थगित कर दिया गया। इसके कई कारण बताए गए। संयुक्त भर्ती नियमावली बनाने की बात कही गई। अब संयुक्त भर्ती नियमावली भी बन गई है। सरकार को युवाओं के हित में जल्द फैसला लेना चाहिए। कांग्रेस विधायक के सवाल पर उलझे दो मंत्री सदन में तारांकित प्रश्नकाल के दौरान सरकार के दो मंत्री और सत्ता पक्ष के विधायक उलझ गए। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने पूछा कि गोड्डा में कब तक नर्सिंग की पढ़ाई शुरू होगी। नर्सिंग कॉलेज भवन बनकर खड़ा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी इन दो प्रश्नों का जवाब दें। पर, इरफान सीधा जवाब नहीं दे रहे थे। उन्होंने कटाक्ष की भाषा में प्रदीप से कहा कि आप 5 बार के विधायक रहे हैं, फिर भी क्यों नहीं बना। आप गोड्डा के रहने वाले हैं। आपको हमसे बेहतर पता होगा कि कब बना। इसी बीच, संसदीय कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू भी खड़े हो गए और इरफान को सीधा जवाब देने को कहा। इसके बाद इरफान उनसे उलझ गए। इरफान… सोनू जी बहुत जानकार हैं, हर चीज में फुदकते हैं… मंत्री इरफान ने कहा कि जब यह मामला उनके और प्रदीप यादव के बीच है, तो दूसरे को बोलने की क्या आवश्यकता है। सोनू जी बहुत जानकार हैं। हर चीज में फुदकते हैं। चलिए मुझे कोई आपत्ति नहीं है। यदि भवन बन गया है, तो छह महीने के भीतर नर्सिंग कॉलेज चालू करा देंगे। सुदिव्य… कटाक्ष की भाषा न हो, मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए मंत्री सुदिव्य ने कहा- विधायक ने सवाल जब सटीक पूछा है, तो मंत्री को जवाब घुमा-फिराकर नहीं देना चाहिए। सदन में मर्यादा का भी ख्याल रखना चाहिए। कटाक्ष की भाषा नहीं होनी चाहिए। ऑब्जेक्टिव सवाल का जवाब ऑब्जेक्टिव ही होना चाहिए। सदन किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं है। उत्पाद सिपाही की दौड़ में होने लगी थी मौत उत्पाद सिपाही के करीब 543 पदों पर बहाली के लिए अगस्त 2024 में पुलिस मुख्यालय ने शारीरिक जांच परीक्षा शुरू की थी। इसमंे अभ्यर्थियों को 10 किमी की दौड़ पूरी करनी थी। दौड़ के दौरान 15 अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी। इसके बाद में उत्पाद सिपाही, जेल सिपाही आैर जिला पुलिस की बहाली में शारीरिक जांच परीक्षा को लेकर एक समिति बनी थी। समिति ने दौड़ की अवधि आैर दूरी में संशोधन किया है। जिसे मंत्रिमंडल ने पारित किया। अब इसी नियमावली के तहत सिपाही के 4919 पदों पर बहाली की जाएगी। सदन में शुक्रवार को विधायक राज सिन्हा ने दैनिक भास्कर लहराया। कहा कि अखबार में स्वास्थ विभाग की पांच गड़बड़ियों की अॉडिट रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। मंत्री इसे चुनौती दें या कार्रवाई करें। राज सिन्हा ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं में गड़बड़ी का मामला उठाया था।


