झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र, हंगामे के आसार:सूर्या हांसदा एनकाउंटर-SIR पर टकराव संभव; अनुपूरक बजट पर विपक्ष की नजर

झारखंड विधानसभा का पूरक मानसून सत्र दो दिन के अवकाश के बाद आज से फिर शुरू हो रहा है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की ओर से जोरदार हंगामे की आशंका है। सत्ता पक्ष केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे 13वें संविधान संशोधन का विरोध करेगा। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इसके लिए पत्र जारी किया है। वहीं, झामुमो ने भी तय किया है कि वह इस विरोध में शामिल रहेगा। दूसरी ओर विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। भाजपा विधायक चंपाई सोरेन को हाउस अरेस्ट करने और रिम्स-टू प्रोजेक्ट स्थल को लेकर सदन में हंगामा कर सकता है। वहीं एसआईआर, अतिवृष्टि, सूर्या हांसदा एनकाउंटर और अनुपूरक बजट जैसे कई अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हो सकते हैं। अनुपूरक बजट पर विपक्ष की नजर सत्र के पहले दिन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4296.62 करोड़ रुपए का पहला अनुपूरक बजट पेश किया गया। इस बजट में विकास योजनाओं, आपदा राहत और बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त व्यय की मांग की गई है। हालांकि, विपक्ष ने इस बजट को लेकर सरकार पर हमलावर रुख अपनाया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बजट केवल दिखावा है और वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं करता। खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी ने एनकाउंटर को संदिग्ध करार देते हुए इसे संथाल परगना की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। 26 अगस्त को अतिवृष्टि पर चर्चा राज्य में हाल की भारी बारिश ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसी मुद्दे पर 26 अगस्त को विधानसभा में विशेष चर्चा होगी। सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई और राहत योजनाओं की घोषणा कर सकती है। विपक्ष ने पहले ही संकेत दिए हैं कि वह इस विषय पर भी सरकार से तीखे सवाल पूछेगा। सत्ता पक्ष का कहना है कि राहत और पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ लेना चाहता है। शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण 28 अगस्त को दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने का प्रस्ताव पेश किया जाना है। झामुमो ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा है कि सोरेन ने झारखंड आंदोलन को नई दिशा दी और आदिवासी समाज के लिए शिक्षा, सामाजिक चेतना और आत्मनिर्भरता की लड़ाई लड़ी। इस प्रस्ताव पर सभी दलों से सर्वसम्मति की उम्मीद है, जिससे यह सत्र राजनीतिक के साथ-साथ सामाजिक दृष्टि से भी अहम बन जाएगा। सत्ता पक्ष ने बनाई रणनीति संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि सदन कार्यकाल के दौरान सत्ता पक्ष विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। झामुमो का कहना है कि एसआईआर राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और सरकार इसे बेनकाब करेगी। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने भरोसा जताया है कि सत्र का संचालन सकारात्मक माहौल में होगा। कुल मिलाकर, मानसून सत्र कई अहम मुद्दों और प्रस्तावों के चलते ऐतिहासिक और हंगामेदार होने जा रहा है।

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