भास्कर न्यूज | िगरिडीह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन के निधन पर सोमवार को समाहरणालय में शोक सभा का आयोजन किया गया। िजसमें दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति केलिए श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकसभा में उपायुक्त रामनिवास यादव ने शोक संदेश में कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जीवन संघर्ष, आदिवासी समाज के अधिकारों एवं सम्मान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने झारखंड राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आदिवासी समाज के हक़ और अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। झारखंड के निर्माण में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा। उनका निधन संपूर्ण राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ विमल कुमार, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता िवजय सिंह बिरुआ आदि शामिल रहे। भास्कर न्यूज | गिरिडीह दिशोम गुरु के निधन पर सोमवार को झामुमो जिला कार्यालय में शोक सभा हुई। सभा में झामुमो के जिला महासचिव महालाल सोरेन, जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह पप्पू, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रमिला मेहरा, जिला प्रवक्ता मुरारी शर्मा, वरिष्ठ नेता शहनवाज अंसारी सहित 200 से अधिक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने शिबू सोरेन की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी। जिला महासचिव महालाल सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु के निधन से झामुमो के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने झारखंड के गरीबों और आदिवासियों के लिए लंबा संघर्ष किया। महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन चलाया। आदिवासी समाज उन्हें देवतुल्य मानता है। उनका निधन सभी के लिए गहरा आघात है। जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह पप्पू ने कहा कि दिशोम गुरु झारखंड के भीष्म पितामह थे। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से झारखंड को अलग राज्य बनवाया। भास्कर न्यूज | गिरिडीह झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर गिरिडीह आदिवासी छात्रसंघ ने झंडा मैदान में शोक सभा की। सभा में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। छात्रसंघ ने उन्हें आदिवासियों का मसीहा बताया। कहा, झारखंड के लिए उनका संघर्ष और योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी क्रांतिकारी आत्मा लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी। शोक सभा में आदिवासी जिला छात्रसंघ के अध्यक्ष प्रदीप सोरेन, सचिव मदन हेंब्रम, सदस्य मुजी लाल टुडू, रितेश सोरेन, अनिल हेंब्रम, गणेश हंसदा, अजय सोरेन, सचिन मरांडी, अक्षय मुर्मू, समीर मुर्मू, पवन हेंब्रम, किशोर सोरेन, रोशन मरांडी मौजूद रहे। छात्र-छात्राओं के साथ आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता नारायण मुर्मू, अजय टुडू, प्रेमराज हेंब्रम, मंटू मुर्मू, राजकुमार हेंब्रम, लक्ष्मण हांसदा, उदय मुर्मू, िवक्की हंसदा भी शामिल हुए।


