झालावाड़ में मुख्यमंत्री की ओर से ‘थैलेसिमिया कुटुम्ब योजना’ का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के तहत थैलेसिमिया के सभी मरीजों को बिना रिप्लेसमेंट के पर्याप्त मात्रा में और उनकी आवश्यकतानुसार निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए एक कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) की अध्यक्षता में हुई बैठक में झालावाड़ जिले के सभी 342 थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने की रणनीति पर चर्चा की गई। अब इन सभी बच्चों को योजना के माध्यम से रक्त मिल सकेगा। मरीज को हर सप्ताह 1 यूनिट खून की पड़ती है जरूरत
थैलेसिमिया से पीड़ित बच्चों को रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर 10 से 11 मिनट के बीच बनाए रखना होता है, जिसके लिए उन्हें प्रति सप्ताह 1 यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ती है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य भर में लगभग 4000 नई संस्थाओं को जोड़ना है, जो स्वेच्छा से नियमित रक्तदान के माध्यम से इन बच्चों के जीवन बचाने में सहयोग कर सकें। इन सहयोगी संस्थाओं का पंजीकरण जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक सेंटर पर किया जाएगा। इस पहल से न केवल थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों को निःशुल्क रक्त मिलेगा, बल्कि समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को भी मजबूती मिलेगी।


