अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले 12 जनवरी को जयपुर में शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर महारैली होगी। संयुक्त कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि सुप्रीम कोर्ट के सेवारत शिक्षकों के टेट क्वालिफाई कंपलसरी करने, जर्जर भवनों वाली स्कूलों को मर्ज करने और ओपीएस लागू करने में देरी के विरोध में प्रदेशभर के कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष पोखर मल व राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने बताया कि 12 जनवरी को महासंघ के बैनर तले जयपुर में चेतावनी महारैली होगी। जिसमें बड़ी संख्या में प्रदेश भर के शिक्षक ओपीएस लागू करने, शिक्षा का निजीकरण व ठेका प्रथा बंद करने, कम नामांकन वाली या जर्जर भवन के बहाने स्कूलों को मर्ज करने की योजना का विरोध करने समेत कर्मचारी विरोधी आदेशों का विरोध किया जाएगा। वहीं, सेवारत शिक्षकों के लिए टेट क्वालिफाई करने को कंपलसरी करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार की मांग भी रखी जाएगी। राजस्थान शिक्षक संघ(शेखावत) के जिलाध्यक्ष विनोद पूनियां ने कहा कि सरकार जर्जर स्कूल भवनों के स्टूडेंट्स शिफ्ट करने की आड़ में स्कूलों को बंद करने का अव्यवहारिक प्रयास कर रही है। सरकार ने हजारों स्कूलों को पहले ही बंद कर दिया और अब जर्जर भवनों को ठीक नहीं कर पाने की नाकामी छुपाने के लिए स्कूलों को बंद करने का प्लान बनाया है। जर्जर भवनों की आड़ में स्कूलों को बंद करना शिक्षक संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार के इस आदेश से बड़ी संख्या में स्कूलों को दूसरे गांव की स्कूल में 2-3 किलोमीटर दूर ट्रांसफर किया है, जहां आवागमन का कोई साधन नहीं है, ऐसे हालात में बच्चे उस स्कूल तक नहीं पहुंच पाएंगे। छात्राओं को इतनी दूर भेजने से पेरेंट्स भी कतराएंगे, जिससे बड़ी संख्या में बच्चों के ड्रॉप आउट होने की आशंका भी है। कर्मचारी महासंघ ने सरकार से जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए अविलंब बजट जारी करने की मांग की है, जिससे स्कूलों के भवन की मरम्मत हो सके या नए भवन का निर्माण हो सके। इस दौरान राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के जिला सभाध्यक्ष हरफूल सिंह जाखड़, जिला कोषाध्यक्ष रमेश पूनियां, जिला प्रवक्ता नोलाराम जाखड़ मौजूद रहे।


